Chhindwara Incident: मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में कफ सिरप पीने से किडनी फेल्योर के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। मासूम बच्चों की मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। ताजा घटना में तामिया के जूनापानी गांव की डेढ़ साल की मासूम धानी, पिता नवीन डेहरिया, की नागपुर में इलाज के दौरान मौत हो गई।
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Chhindwara Incident: हालत बिगड़ती गई और अंततः उसने दम तोड़ दिया
जानकारी के अनुसार, बच्ची की दोनों किडनियां पूरी तरह से काम करना बंद कर चुकी थीं। उसका इलाज 26 सितंबर से चल रहा था। शुरुआती इलाज डॉक्टर प्रवीण सोनी ने किया था, जिन्होंने उसे वही कफ सिरप दिया था जो अब प्रतिबंधित है। इस सिरप को देने के बाद बच्ची की हालत बिगड़ती गई और अंततः उसने दम तोड़ दिया।
Chhindwara Incident: इन मामलों ने जिले ही नहीं, पूरे देश में चिंता बढ़ा दी
इस घटना के साथ ही छिंदवाड़ा जिले में कफ सिरप पीने से किडनी फेल्योर से मरने वाले बच्चों की संख्या बढ़कर 15 हो गई है। इन मामलों ने जिले ही नहीं, पूरे देश में चिंता बढ़ा दी है।
Chhindwara Incident: परिवारों में शोक और आक्रोश का माहौल है
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गौरतलब है कि इन मौतों के बाद सरकार ने तुरंत कार्रवाई करते हुए तमिलनाडु स्थित श्री सन फार्मा कंपनी के कोल्ड्रिफ कफ सिरप पर पूरे देश में प्रतिबंध लगा दिया है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर जांच कर रही हैं, जबकि परिवारों में शोक और आक्रोश का माहौल है।
गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए
स्थानीय प्रशासन ने अपील की है कि लोग बच्चों को बिना चिकित्सकीय परामर्श के दवाएं न दें और किसी भी प्रकार के प्रतिबंधित सिरप का उपयोग करने से बचें। इस दुखद घटनाक्रम ने मेडिकल जिम्मेदारी और दवा की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।