Machhli Family Scam Committee: लव जिहाद, ड्रग्स तस्करी और अवैध हथियारों की खरीद फरोख्त के आरोपी मछली परिवार का एक और बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। जहां समिति बनाकर लोगों की बिना जानकारी दिए करोड़ों के ट्रांजेक्शन किए गए। जिन लोगों के नाम पर ये ट्रांजेक्शन किए गए..अब वो पीड़ित सामने आने लगे है।

समिति के मेंबर
पीड़ितो को ये तक नही पता की उनके नाम से समिती चलाई जा रही है। राधे मालवीय, सुनीता बाई, जगदीश प्रसाद, समसू कुमार भूरिया, नितिन का कहना है की 3 से 4 साल पहले नीलू मियां का लड़का अयब और मुन्ना आए और कुछ कागज लेकर गए। मुन्ना लाल कुशवाहा समिति का अध्यक्ष है, और रविंद्र नाम कता व्यक्ति उपाध्यक्ष है।




महीना का मिलता था 2 से 3 हजार
5 लोगों में से सिर्फ 2 लोगों को ही महीने में 2 से 3 हजार रुपए मिलते थे। दोनों मछली पकड़ते और उन्हें वहां के लोगों को दे देते थे। महीने का 30 से 40 किलो मछली पकड़ी जाती थी,. जिसका उन्हें किलों के हिसाब से पैसा मिलता था।
Machhli Family Scam Committee: 90 लाख की सब्सिडी
इस समिति के नाम पर सरकार से करीब 90 लाख रुपए की सब्सिडी ली गई। नीलू नाम के शख्स ने उनके कागजात ले फर्जी तरीके से सदस्य का नाम जोड़ा। 87 लाख रुपए नीलू ने ट्रांसफर कराए स्वयं के और परिजनों के खाते में और फर्जीवाड़ा किया।

मछली परिवार ये फर्जीवाड़ा करता कैसे था?
सबसे पहले इन्होंने एक समिति बनाई..क्योंकि मछली पालन का ठेका सोसाइटी को ही मिलता है। उस समिति में हथाईखेड़ा के ही 5 लोगों मेम्बर बनाया गया। तब तक इन लोगों को अंदाजा ही नहीं था की समिति के नाम पर करोड़ों की हेराफेरी हो सकती है। समिति को ठेका मिलने के बाद मछली पालन का काम होने लगा। मेंबर्स में से सिर्फ 2 लोगों को 2 से 4 हजार रु महीने के मिलते थे, ..
हर साल करोड़ो के ट्रांजेक्शन
इस समिति ने हर साल करोड़ो के ट्रांजेक्शन किए। जिसकी बैंक डिटेल भी सामने आई।


Machhli Family Scam Committee: कौन-कौन शामिल?
फर्जीवाड़े के आरोपी फिलहाल लव जिहाद रेप, ड्रग्स तस्करी के मामले में जेल में बंद हो लेकिन इस फर्जीवाड़े को लेकर एक और बड़ा सवाल खड़ा होता है कि क्या केवर मछली परिवार इसमें इन्वोल्व है या वो लोग भी जिम्मेदार है जो मछली परिवार के साथ थे वो अधिकारी वो नेता वो मंत्री।
Drugs Case: भोपाल ड्रग्स मामला: मछली परिवार और करीबियों द्वारा 99 एकड़ सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा, सीमांकन रिपोर्ट कलेक्टर को सौंपी गई
Drugs Case: मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में चर्चित ड्रग्स तस्करी के आरोपी मछली परिवार और उनके नजदीकी लोगों द्वारा 99 एकड़ पशुपालन विभाग की जमीन पर किए गए अवैध कब्जे का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस संबंध में गोविंदपुरा एसडीएम रवीश श्रीवास्तव ने सीमांकन की रिपोर्ट भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह को सौंप दी है।

रिपोर्ट के अनुसार, डायमंड सिटी कॉलोनी की एक एकड़ से अधिक जमीन सरकारी है, जिस पर अवैध रूप से कॉलोनी बसाई जा रही है। इतना ही नहीं, कॉलोनी की सड़क भी पशुपालन विभाग की जमीन पर बनी हुई पाई गई है। प्रशासन जल्द ही इस रास्ते को बंद करने की तैयारी में है। पूरी खबर….
