Shami Maintenance Case Verdict: भारतीय क्रिकेटर मोहम्मद शमी को कोलकाता हाईकोर्ट ने पत्नी हसीन जहां और बेटी आयरा को हर महीने ₹4 लाख की मेंटीनेंस राशि देने का फैसला सुनाया है। कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा कि यह राशि अप्रैल 2018 से लागू मानी जाएगी, यानी यह फैसला पिछले 7 साल की अवधि को भी कवर करेगा।
Read More: Mohammad Shami Not Keeping Roza: रोजे न रखने पर शमी हुए ट्रोल, मौलाना बोले – शमी ने किया गुनाह
राशि का बंटवारा: पत्नी को ₹1.5 लाख, बेटी को ₹2.5 लाख…
कोर्ट के आदेश के अनुसार, शमी की पत्नी हसीन जहां को हर महीने ₹1.50 लाख और बेटी आयरा को ₹2.50 लाख मिलेंगे। कोर्ट ने साफ कहा कि यह रकम मेंटीनेंस (भरण-पोषण) के लिए है और इसे नियमित रूप से हर महीने दिया जाना चाहिए।

नीचली अदालत को 6 महीने में निपटारा करने का निर्देश…
हाईकोर्ट ने यह भी निर्देश दिया है कि इस केस से जुड़ी सुनवाई और फैसले को अब 6 महीने के अंदर निचली अदालत द्वारा पूरा किया जाना चाहिए। कोर्ट ने तलाक और घरेलू हिंसा से जुड़े मामलों में तेजी से निपटारे को प्राथमिकता देने की बात कही।
क्या है पूरा मामला?
भारतीय क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी और हसीन जहां ने 7 अप्रैल 2014 को निकाह किया था। एक साल बाद, 17 जुलाई 2015 को उनकी बेटी आयरा का जन्म हुआ। लेकिन इसके बाद दोनों के रिश्तों में दरार आ गई।

शमी को बाद में पता चला कि हसीन जहां की यह दूसरी शादी है और उसकी पहली शादी से दो बच्चे भी हैं। इसके बाद से दोनों के बीच विवाद गहराता गया।
हसीन जहां ने लगाए घरेलू हिंसा और धोखाधड़ी के आरोप…
2018 में हसीन जहां ने शमी और उनके परिवार पर घरेलू हिंसा, मानसिक उत्पीड़न और धोखाधड़ी जैसे गंभीर आरोप लगाए थे। इसके बाद यह मामला कोर्ट में चला गया। निचली अदालत ने मेंटीनेंस की जो रकम तय की थी, उससे हसीन जहां असंतुष्ट थीं और उन्होंने हाईकोर्ट में अपील की थी।
21 अप्रैल को सुनवाई, 1 जुलाई को आदेश…
इस केस में अंतिम सुनवाई 21 अप्रैल 2025 को हुई थी, जिसके बाद 1 जुलाई 2025 को हाईकोर्ट ने यह ऐतिहासिक फैसला सुनाया। अब शमी को यह राशि न केवल आगे से बल्कि पिछले 7 वर्षों की पेंडिंग रकम के रूप में भी चुकानी होगी।
