Iran-US War Update: अमेरिका और ईरान 21 अप्रैल को खत्म हो रहे सीजफायर से पहले समझौता कर सकते है। अमेरिकी मीडिया के मुताबिक, दोनों पक्षों के बीच बातचीत आगे बढ़ी है, हालांकि कुछ मतभेद अब भी बाकी हैं। इस बीच तेहरान में ईरानी अधिकारियों और पाक सेना प्रमुख आसिम मुनीर के बीच अहम बैठक होगी। आसिम मुनीर पहले ही ईरान पहुंचकर विदेश मंत्री अब्बास अराघची से मुलाकात कर चुके हैं और वे अमेरिकी संदेश लेकर गए हैं।

पाक कर रहा मध्यस्थता
पाकिस्तान, मिस्र और तुर्की मध्यस्थ की भूमिका में है। उधर, अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD वेंस, स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर के साथ मिलकर बातचीत और ड्राफ्ट प्रस्ताव साझा कर रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार, डील के लिए सीजफायर को बढ़ाया जा सकता है, हालांकि अमेरिका ने अभी औपचारिक सहमति नहीं दी है।

Iran-US War Update: समझौते का दबाव
अमेरिका का कहना है कि होर्मुज स्ट्रेट में ट्रम्प की नौसैनिक नाकेबंदी और आर्थिक दबाव के कारण ईरान पर समझौते का दबाव बढ़ रहा है। अमेरिका ने दावा किया कि नाकेबंदी के बाद पिछले 48 घंटों में कोई भी जहाज ईरानी बंदरगाहों तक नहीं पहुंचा। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुताबिक, इस दौरान 9 जहाजों को लौटा दिया गया।
ईरान को नुकसान
ईरान रोजाना करीब 15 लाख बैरल तेल बेचता है। इससे उसकी लगभग 140 मिलियन डॉलर की कमाई होती है, लेकिन नाकेबंदी से इस कमाई पर असर पड़ सकता है। ईरान के खार्ग द्वीप से लगभग 90 फीसदी तेल निर्यात होता है, जो नाकेबंदी के चलते प्रभावित हो सकता है। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है, अगर ईरान तेल निर्यात नहीं कर पाया, तो उसे उत्पादन रोकना पड़ सकता है, जिससे आर्थिक नुकसान होगा। जंग से पहले भी ईरान की अर्थव्यवस्था प्रतिबंधों के कारण दबाव में थी, लेकिन अब हालात और बिगड़ गए हैं।
ऑस्ट्रेलिया-मलेशिया का समझौता
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और ईरान से जुड़े जंग के असर के बीच ऑस्ट्रेलिया और मलेशिया ने ऊर्जा सप्लाई चेन को मजबूत करने पर सहमति जताई है। दोनों देशों ने गुरुवार को जारी संयुक्त बयान में कहा कि वे मिलकर सप्लाई चेन रेजिलिएंस बढ़ाने और व्यापार को स्थिर बनाए रखने के लिए कार्य करेंगे।
