Himachal news: हिमाचल प्रदेश सरकार ने विकास और रोजगार को गति देने के उद्देश्य से शुक्रवार को हुई कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसले लिए। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में जहां एक ओर 1550 पदों पर भर्ती को मंजूरी दी गई, वहीं किसानों को राहत देते हुए कई फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में उल्लेखनीय बढ़ोतरी का ऐलान किया गया।
1550 पदों पर भर्ती को हरी झंडी
राज्य सरकार ने कुल 1550 पदों को भरने की मंजूरी दी है। इनमें 1000 पद पुलिस विभाग में भरे जाएंगे, जिनमें 30 पद महिलाओं के लिए आरक्षित होंगे। इसके अलावा वन विभाग में 500 सहायक वन रक्षकों के पद सृजित कर भरने का निर्णय लिया गया है, जिसमें वन मित्रों को 50 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा।

वन विभाग को मजबूत करने के लिए राजस्व विभाग के सेवानिवृत्त अधिकारियों; 8 नायब तहसीलदार, 20 कानूनगो और 44 पटवारियों को निश्चित मानदेय पर नियुक्त करने का भी फैसला हुआ है। साथ ही, विभाग के 10 प्रादेशिक सर्किलों में 10 कानूनी सलाहकार भी तैनात किए जाएंगे।
किसानों के लिए MSP में बड़ी राहत
कैबिनेट ने किसानों के हित में कई फसलों के MSP में बढ़ोतरी का बड़ा निर्णय लिया। गेहूं का MSP 60 रुपये से बढ़ाकर 80 रुपये प्रति किलो, मक्का का 40 से 50 रुपये प्रति किलो किया गया। चंबा के पांगी क्षेत्र में जौं का MSP 60 से बढ़ाकर 80 रुपये प्रति किलो किया गया है।
इसके अलावा कच्ची हल्दी का MSP 90 से बढ़ाकर 150 रुपये प्रति किलो और प्राकृतिक खेती से उत्पादित अदरक का MSP 30 रुपये प्रति किलो निर्धारित किया गया है। इससे प्रदेश के किसानों को सीधा आर्थिक लाभ मिलने की उम्मीद है।
स्वास्थ्य और प्रशासनिक ढांचे में सुधार
कैबिनेट ने विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में सेवानिवृत्त प्रोफेसरों को 2.5 से 3 लाख रुपये मासिक वेतन पर नियुक्त करने का फैसला लिया है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिलेगी।
सिरमौर जिले में जल शक्ति विभाग के प्रशासनिक ढांचे को पुनर्गठित करने और सामाजिक सुरक्षा पेंशन वितरण को समयबद्ध बनाने के लिए नियमों में संशोधन का भी निर्णय लिया गया।
NOC प्रक्रिया होगी आसान, युवाओं को मिलेगा प्रोत्साहन
राज्य सरकार ने अग्नि सुरक्षा प्रमाणपत्र (NOC) प्रक्रिया को सरल और नागरिक-हितैषी बनाने की मंजूरी दी है। साथ ही, युवाओं को भारतीय सेना में भर्ती के लिए प्रेरित करने हेतु परमवीर चक्र विजेता मानद कैप्टन संजय कुमार की सेवाएं 1 मई 2026 से लेने का फैसला किया गया है। इसके अलावा, 71 लघु जलविद्युत परियोजनाओं को पात्र निजी उत्पादकों को आवंटित करने का निर्णय भी लिया गया, जिससे ऊर्जा क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा।
