Drugs Case: मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में चर्चित ड्रग्स तस्करी के आरोपी मछली परिवार और उनके नजदीकी लोगों द्वारा 99 एकड़ पशुपालन विभाग की जमीन पर किए गए अवैध कब्जे का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस संबंध में गोविंदपुरा एसडीएम रवीश श्रीवास्तव ने सीमांकन की रिपोर्ट भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह को सौंप दी है।

Drugs Case: इस रास्ते को बंद करने की तैयारी में है
रिपोर्ट के अनुसार, डायमंड सिटी कॉलोनी की एक एकड़ से अधिक जमीन सरकारी है, जिस पर अवैध रूप से कॉलोनी बसाई जा रही है। इतना ही नहीं, कॉलोनी की सड़क भी पशुपालन विभाग की जमीन पर बनी हुई पाई गई है। प्रशासन जल्द ही इस रास्ते को बंद करने की तैयारी में है।
Drugs Case: सभी निर्माण कार्य बिना वैध अनुमति के किए गए हैं
अवैध कब्जे की पुष्टि के बाद अब प्रशासन सख्त रुख अपना सकता है। जानकारी के मुताबिक, लगभग 6 एकड़ जमीन पर फर्शी (टाइल्स) का कारोबार, आवासीय मकान, दुकानें, पेट्रोल पंप, तीन मंजिला हॉस्टल और एक स्कूल भी बना दिया गया है। ये सभी निर्माण कार्य बिना वैध अनुमति के किए गए हैं।
जिसमें ये तमाम अनियमितताएं उजागर हुईं
सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि पशुपालन विभाग की जमीन पर ही एक बायपास रोड भी बना दिया गया है। विभाग ने पहले ही आशंका जताई थी कि उसकी जमीन पर अवैध कब्जा हो रहा है। इसी आधार पर सीमांकन व सर्वे की कार्रवाई करवाई गई, जिसमें ये तमाम अनियमितताएं उजागर हुईं।
कानून प्रवर्तन एजेंसियां सतर्क हो गई हैं
सूत्रों के अनुसार, प्रशासन आज ही अवैध कब्जाधारियों को नोटिस जारी कर सकता है और आगे की कार्रवाई के संकेत भी मिल रहे हैं। यह मामला अब न सिर्फ भूमि अतिक्रमण, बल्कि ड्रग्स तस्करी और संगठित अपराध से भी जुड़ चुका है, जिससे प्रशासन और कानून प्रवर्तन एजेंसियां सतर्क हो गई हैं।
दोषियों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई हो सके
प्रशासन अब इस मामले को सख्ती से निपटाने की तैयारी में है, ताकि सरकारी जमीन को अवैध कब्जों से मुक्त कराया जा सके और दोषियों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई हो सके।
