यूएन-ब्रिक्स के झूठे कार्ड के पीछे छिपा दरिंदा!

बाबा या शिकारी? दिल्ली की दीवारों के पीछे छिपा था ये गुनहगार…
chaitanyanand sexual harassment case: कभी आध्यात्म की आड़ में ज्ञान बाँटने वाला और खुद को ‘संयुक्त राष्ट्र का दूत’ बताने वाला स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती उर्फ पार्थसारथी, असल में उन सैकड़ों छात्राओं के लिए एक ऐसा डर था, जो उन्होंने किसी से कभी नहीं कहा था जब तक कि 17 बहादुर लड़कियों ने चुप्पी नहीं तोड़ी।
शनिवार की रात जब दिल्ली पुलिस ने उसे आगरा के एक होटल से गिरफ्तार किया, तब ये सिर्फ एक गिरफ्तारी नहीं थी ये उन सिसकियों की गूंज थी, जो हॉस्टल की दीवारों में दफ्न थीं।
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chaitanyanand sexual harassment case: ‘आई लव यू, बेबी’ से शुरू होता था शोषण का सिलसिला
वो मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट था श्री शारदा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडियन मैनेजमेंट-रिसर्च (SRISIIM)। लड़कियां बेहतर करियर और उज्ज्वल भविष्य के सपने लेकर आई थीं। पर वहां मिला एक ‘बाबा’ जो उनके कपड़ों की तारीफ करता, बालों को सहलाने की बात करता और व्हाट्सएप पर भेजता अश्लील मैसेज “आई अडोर यू”, “बेबी, यू लुक ब्यूटीफुल”।
और अगर छात्रा विरोध करे? तो धमकी मिलती: “मार्क्स कम कर दूंगा”, “विदेश टूर कैंसिल समझो।”
ईडब्ल्यूएस कोटे की छात्राओं को बनाया शिकार
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) की छात्राओं को टारगेट किया। ये वो लड़कियां थीं जो स्कॉलरशिप पर पढ़ रही थीं, परिवार की उम्मीद थीं… और शायद इसीलिए विरोध करने से डरती थीं।
जैसे-जैसे पुलिस ने छात्राओं से बातचीत शुरू की, कई के चेहरों पर डर और आंसू लौट आए। 32 छात्राओं से पूछताछ में से 17 ने यौन शोषण और मानसिक प्रताड़ना की पुष्टि की, और 16 ने मजिस्ट्रेट के सामने बयान दर्ज कराए।
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यूएन, ब्रिक्स का नकली चेहरा और असली साजिश
chaitanyanand sexual harassment case: जब दिल्ली पुलिस ने चैतन्यानंद को गिरफ्तार किया, उसके पास से दो फर्जी विजिटिंग कार्ड मिले। एक में वह खुद को संयुक्त राष्ट्र में भारत का स्थायी राजदूत बता रहा था, और दूसरे में ब्रिक्स संयुक्त आयोग का विशेष दूत।

क्या कोई सामान्य बाबा इतना बड़ा फरेब कर सकता है? यहाँ सिर्फ यौन शोषण ही नहीं, एक जाल था नाम, पद, पहचान, और ताकत का झूठा भ्रम देकर छात्राओं को मानसिक रूप से तोड़ने का।
फैकल्टी और वार्डन भी शामिल?
इस मामले की सबसे डरावनी परत तब खुली जब पुलिस को पता चला कि तीन महिला वार्डन और फैकल्टी भी आरोपी की मदद कर रही थीं। वे छात्राओं पर दबाव डालतीं, व्हाट्सएप चैट्स डिलीट करवातीं और कहतीं “किसी को मत बताना, वरना तुम्हारा करियर बर्बाद हो जाएगा।”
अब क्या होगा आगे?
स्वामी चैतन्यानंद को फिलहाल वसंत कुंज पुलिस स्टेशन में रखा गया है, और पूछताछ जारी है। उसके खिलाफ कई धाराओं में मामला दर्ज हो चुका है, और पुलिस साइबर साक्ष्य, चैट्स और छात्राओं के बयान को आधार बनाकर केस को आगे बढ़ा रही है।

छात्राएं अब भी डरी हुई हैं। कुछ ने कॉलेज छोड़ दिया, कुछ अभी भी न्याय की उम्मीद में हैं।
ये सिर्फ केस नहीं, एक आइना है गुरू की गद्दारी का
गुरु को भगवान से ऊपर माना गया है, लेकिन जब वही ‘गुरु’ अपनी शक्ति का इस्तेमाल शोषण के लिए करता है, तो वह समाज के हर उस रिश्ते को कलंकित करता है जो विश्वास पर टिका है। स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती का यह मामला देश को चेतावनी देता है संस्थानों में बैठे नकली गुरुओं से सावधान रहो। ये घटना उस हर माता-पिता के लिए एक सवाल छोड़ती है क्या आपकी बेटी का कॉलेज वाकई सुरक्षित है?
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