सुधरेगा 90 डिग्री ब्रिज
पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि ब्रिज को पूरी तरह तोड़ा नहीं जाएगा, बल्कि केवल इसके टर्निंग वाले हिस्से को सुधारा जाएगा। इस रीडिजाइन प्रक्रिया में रेलवे के इंजीनियरों और पीडब्ल्यूडी की टीम मिलकर काम करेगी। अधिकारियों का कहना है कि टर्निंग को इस तरह से डिजाइन किया जाएगा कि वाहन चालकों को तीखे मोड़ से गुजरने में परेशानी न हो और दुर्घटना का खतरा कम हो। यह कदम इसलिए भी जरूरी हो गया है, क्योंकि ब्रिज पर पहले ही कई छोटी-मोटी दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। रीडिजाइन के बाद ब्रिज का उपयोग सुरक्षित और सुगम होने की उम्मीद है।

Bhopal 90 Degree Bridge: सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग
ऐशबाग रेलवे ओवरब्रिज की 90 डिग्री टर्निंग ने इसे सोशल मीडिया पर मजाक का पात्र बना दिया है। नेटिजन्स इस डिजाइन को इंजीनियरिंग की विफलता करार दे रहे हैं और इसके मीम्स वायरल हो रहे हैं। कई यूजर्स ने इसकी तुलना ‘गेमिंग ट्रैक’ या ‘खतरनाक रास्तों’ से की है। कुछ ने तो इसे ‘दुनिया का सबसे खतरनाक ब्रिज’ तक कह डाला। सोशल मीडिया पर इसकी आलोचना के साथ-साथ लोग यह सवाल भी उठा रहे हैं कि इतनी बड़ी डिजाइन खामी शुरुआत में कैसे नजरअंदाज हो गई। यह मामला इंजीनियरिंग और प्रशासनिक जवाबदेही पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।
इंजीनियर्स पर होगी कार्रवाई
पीडब्ल्यूडी ने इस मामले में सख्त रुख अपनाते हुए ब्रिज की डिजाइन तैयार करने वालों पर कार्रवाई करने का ऐलान किया है। अधिकारियों का कहना है कि डिजाइन में इतनी बड़ी खामी सामने आने के बाद जिम्मेदार लोगों को बख्शा नहीं जाएगा। जांच शुरू कर दी गई है, और यह पता लगाया जा रहा है कि डिजाइन और निर्माण के दौरान कहां चूक हुई। इस कार्रवाई का मकसद भविष्य में ऐसी गलतियों को रोकना और इंजीनियरिंग प्रोजेक्ट्स में गुणवत्ता सुनिश्चित करना है। साथ ही, यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि रीडिजाइन प्रक्रिया में किसी तरह की लापरवाही न बरती जाए।
Bhopal 90 Degree Bridge: भविष्य में सुरक्षित यात्रा की उम्मीद
ऐशबाग रेलवे ओवरब्रिज की टर्निंग को सुधारने का काम जल्द शुरू होने की संभावना है। इस प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद स्थानीय लोगों और वाहन चालकों को सुरक्षित और सुगम यात्रा का अनुभव मिलेगा। यह घटना अन्य शहरों के लिए भी एक सबक है कि बुनियादी ढांचे के निर्माण में डिजाइन और सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाए। भोपालवासियों को अब उम्मीद है कि रीडिजाइन के बाद यह ब्रिज सुर्खियों में अपनी खामियों के लिए नहीं, बल्कि अपनी उपयोगिता के लिए जाना जाएगा।
