प्रदेश में अक्षय ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देने की दिशा में आज राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में ऊर्जा परियोजनाओं के लिए भूमि आवंटन को स्वीकृति दी गई। #आपणो_अग्रणी_राजस्थान #CabinetDecision pic.twitter.com/KZtyWMDgKX
— Bhajanlal Sharma (@BhajanlalBjp) January 21, 2026
संपत्तियों की बिक्री या हस्तांतरण को लेकर पाबंदी
नए कानून के बाद अचल संपत्तियों की बिक्री या हस्तांतरण को लेकर पाबंदियां रहेंगी। इस बिल का नाम – ‘दि राजस्थान प्रोहिबिशन ऑफ ट्रांसफर ऑफ इम्मूवेबल प्रोपर्टी एण्ड प्रोविजन फोर प्रोटेक्शन ऑफ टेनेन्ट्स फ्रॉम एविक्शन फ्रॉम प्रिमाइसेज इन डिस्टर्ब्ड एरियाज बिल, 2026′ – है। यह बिल को विधानसभा के अगले सत्र में पेश किया जाएगा।

इलाके किए जाएंगे अशांत घोषित
राजस्थान के संसदीय कार्य, विधि एवं विधिक कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने मंत्रिमंडल के फैसले की जानकारी देते हुए बताया कि इस संबंध में लंबे समय से एक क़ानून बनाने की ज़रूरत थी और इसकी मांग हो रही थी। प्रदेश के कई इलाकों में समुदाय विशेष की जनसंख्या बढ़ रही है और जनसंख्या असंतुलन और सांप्रदायिक तनाव का प्रभाव दूसरे समुदाय पर देखा जा रहा है। इसकी वजह से कई क्षेत्रों में दंगे और हिंसा की स्थिति बन जाती है साथ ही किसी क्षेत्र विशेष में अशांति की स्थिति बन जाती है।
पटेल ने बताया एक बार अगर उस क्षेत्र को अशांत घोषित किया जाता है तो उस इलाके में किसी भी संपत्ति की बिक्री और हस्तांतरण को अमान्य माना जाएगा।
सेमिकंडक्टर पॉलिसी को मंजूरी

एयरोस्पेस एंड डिफेंस पॉलिसी 2025

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बता दे, संपत्ति की बिक्री या हस्तांतरण पर पूरी तरह से रोक नहीं होगी। यदि कोई ऐसा करना चाहता है तो वह संबंधित अधिकारी से अनुमति लेकर हस्तांतरण कर सकता है। सामान्यतः यह अधिकारी उस ज़िले का कलेक्टर होता है। लेकिन, अगर कोई पूर्वानुमति के बिना संपत्ति का हस्तांरण करता है तो उसे अमान्य होगा।
