Nirai Mata Temple Chhattisgarh: जहां बिना तेल के जलती है ज्योति और महिलाओं को नहीं मिलती एंट्री!

chhattisgarh-nirai-mata-mandir-mystery-women-entry-ban

Nirai Mata Temple Chhattisgarh: जहां बिना तेल के जलती है ज्योति और महिलाओं को नहीं मिलती एंट्री!

nirai mata temple chhattisgarh जहां बिना तेल के जलती है ज्योति और महिलाओं को नहीं मिलती एंट्री

Nirai Mata Temple Chhattisgarh: भारत रहस्यों और आस्था का देश है। यहां ऐसे कई मंदिर हैं जिनकी परंपराएं और मान्यताएं लोगों को चकित कर देती हैं। इन्हीं में से एक है छत्तीसगढ़ का निरई माता मंदिर, जो साल में केवल 5 घंटे के लिए ही खुलता है। इस मंदिर से जुड़ी मान्यताएं और महिलाओं से जुड़े विशेष नियम इसे और भी रहस्यमय बनाते हैं। Read More:  Unique temple in MP: जहां लड़का – लड़की खुद चुनते हैं जीवनसाथी! बिना दहेज के होती है शादी…

कहां स्थित है निरई माता मंदिर?

निरई माता मंदिर छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के मुख्यालय से लगभग 12 किलोमीटर दूर एक पहाड़ी पर स्थित है। घने जंगलों और प्राकृतिक सुंदरता के बीच बसे इस मंदिर को देवी शक्ति का प्रतीक माना जाता है। यहाँ देवी की पूजा बहुत ही प्राचीन काल से चली आ रही है।

साल में सिर्फ 5 घंटे के लिए खुलता है मंदिर...

इस मंदिर की सबसे अनोखी बात यह है कि यह साल में सिर्फ एक बार और मात्र 5 घंटे के लिए ही खुलता है। हर साल चैत्र नवरात्र के दौरान मंदिर के द्वार सुबह 4 बजे से 9 बजे तक के लिए खोले जाते हैं। इन कुछ घंटों में माता के दर्शन के लिए हजारों श्रद्धालु दूर-दूर से आते हैं। मंदिर के बंद रहते समय किसी को भी वहाँ जाने की अनुमति नहीं होती।

बिना तेल के जलती है ज्योति – एक अनसुलझा रहस्य...

ग्रामीणों का कहना है कि नवरात्र के दौरान निरई माता मंदिर में अपने आप ही एक ज्योति प्रज्वलित होती है, जो नौ दिनों तक लगातार जलती रहती है। आश्चर्य की बात यह है कि यह दीपक बिना तेल या घी के जलता रहता है। लोग इसे माता का चमत्कार मानते हैं। विज्ञान इस रहस्य का अब तक कोई स्पष्ट कारण नहीं बता पाया है।

महिलाओं के लिए बने हैं विशेष नियम...

निरई माता मंदिर में महिलाओं का प्रवेश वर्जित है। यहां केवल पुरुष ही पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठान कर सकते हैं। स्थानीय मान्यता है कि अगर कोई महिला मंदिर के अंदर जाती है या मंदिर का प्रसाद ग्रहण करती है, तो उसके साथ अनहोनी हो सकती है। इसीलिए महिलाएँ मंदिर परिसर के बाहर से ही माता को प्रणाम करती हैं।

पूजा में नहीं चढ़ाया जाता सिंदूर और श्रृंगार...

निरई माता की पूजा में सिंदूर, कुमकुम, गुलाल या श्रृंगार का सामान नहीं चढ़ाया जाता। यहां देवी को नारियल और अगरबत्ती अर्पित की जाती है। लोगों का मानना है कि माता को साधारण भक्ति और सच्चे मन से प्रसन्न किया जा सकता है, न कि बाहरी दिखावे से।

संबंधित सामग्री

MP के धार में पिकअप वाहन पलटा, 12 की मौत: मृतकों में दो बच्चे, 10 घायल इंदौर रेफर

मध्य प्रदेश

MP के धार में पिकअप वाहन पलटा, 12 की मौत: मृतकों में दो बच्चे, 10 घायल इंदौर रेफर

सीएम ने मृतकों के परिवारजनों को 4-4 लाख रुपए, गंभीर घायलों को 1-1 लाख रुपए तथा घायलों को 50-50 हजार रुपए की सहायता राशि प्रदान करने के निर्देश दिए हैं।

‘भूत’ के डर से सुलझी 34 साल पुरानी हत्या की गुत्थी

जुर्म गाथा

‘भूत’ के डर से सुलझी 34 साल पुरानी हत्या की गुत्थी

अहमदाबाद में 34 वर्ष पुराने हत्या मामले का समाधान भूत के डर से हुआ, जिसमें आरोपी के घर के कुएं में शव था।

मप्र हाईकोर्ट का बड़ा फैसला; हिजबुल तहरीर के 3 संदिग्धों को जमानत, बाकियों पर सुनवाई जारी

मध्य प्रदेश

मप्र हाईकोर्ट का बड़ा फैसला; हिजबुल तहरीर के 3 संदिग्धों को जमानत, बाकियों पर सुनवाई जारी

जबलपुर हाईकोर्ट ने HUT से जुड़े तीन संदिग्धों को जमानत दी। यह निर्णय सुरक्षा एजेंसियों में हलचल पैदा कर गया है।

‘वीआईपी कल्चर’ से हटकर झारखण्ड सीएम सोरेन का बड़ा कदम; बिना काफिले खुद गाड़ी चलाकर मंत्रालय पहुंचे

झारखंड

‘वीआईपी कल्चर’ से हटकर झारखण्ड सीएम सोरेन का बड़ा कदम; बिना काफिले खुद गाड़ी चलाकर मंत्रालय पहुंचे

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बिना किसी पूर्व सूचना और सुरक्षा के अचानक मंत्रालय पहुंचकर प्रशासनिक हलचल मचा दी। इस दौरे के पीछे उनका उद्देश्य शहरी यातायात और जन समस्याओं का जायजा लेना था।

डॉ. मोहन यादव ने किया जलूद सोलर पावल प्लांट का लोकार्पण, जनभागीदारी से निर्मित

मध्य प्रदेश

डॉ. मोहन यादव ने किया जलूद सोलर पावल प्लांट का लोकार्पण, जनभागीदारी से निर्मित

मध्यप्रदेश के महेश्वर में डॉ. मोहन यादव ने जलूद सोलर पावर प्लांट का उद्घाटन किया, जो जनभागीदारी से निर्मित देश का पहला सोलर प्लांट है।