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Shahdol Paint Scam: शहडोल पुताई घोटाले पर गरमाई सियासत, जीतू पटवारी का आरोप- BJP सरकार में 90% कमीशन का खेल

By : Aditya Mishra
Shahdol Paint Scam: शहडोल पुताई घोटाले पर गरमाई सियासत, जीतू पटवारी का आरोप- BJP सरकार में 90% कमीशन का खेल

कांग्रेस अध्यक्ष ने साधा निशाना

Shahdol Paint Scam: मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में सरकारी स्कूलों में पुताई घोटाले को लेकर सियासत गरमा गई है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पटवारी ने कहा... एक लाख छह हजार में सिर्फ 4 लीटर पेंट से पुताई हुई। कितने लोग लगे यह अलग बात है... लेकिन यह तो 90 फीसदी कमीशनखोरी है। हम कहते थे यह 50% कमीशन की सरकार है पर ये तो 90% कमीशन खा रही है।

‘भाजपा सरकार खुद मान रही करप्शन’

[caption id="attachment_93069" align="alignnone" width="221"]Shahdol Paint Scam: Shahdol Paint Scam:[/caption]

जीतू पटवारी ने कहा.. यह सरकार देश के आम नागरिक को महसूस करा रही है कि हम करप्ट हैं और हम नहीं सुधरेंगे, क्योंकि जनता इन्हें वोट दे रही है। भाजपा का कोई भी विभाग ऐसा नहीं है, जो कह सके कि वह चोरी नहीं करता। यह लोग चोरी भी करते हैं और बताते भी हैं, क्योंकि जनता एकतरफा वोट देती है।

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ब्यौहारी के स्कूलों में फर्जीवाड़ा उजागर

यह मामला ब्यौहारी विधानसभा क्षेत्र के सकंदी और निपानिया गांव के स्कूलों से जुड़ा है। यहां सरकारी स्कूलों में अनुरक्षण (मेंटेनेंस) के नाम पर लाखों रुपए का घोटाला सामने आया है। पुताई, दरवाजे-खिड़की फिटिंग जैसे छोटे कामों के लिए सैकड़ों मजदूरों और मिस्त्रियों की फर्जी एंट्री दिखाकर भारी-भरकम राशि निकाल ली गई।

सकंदी स्कूल में 4 लीटर पेंट के लिए 1 लाख खर्च

सकंदी गांव के हाई स्कूल में सिर्फ 4 लीटर ऑयल पेंट की पुताई के लिए 168 मजदूर और 65 राजमिस्त्री दिखाए गए। इस काम पर कुल 1,06,984 रुपए का भुगतान किया गया। यह भुगतान प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी फूल सिंह मरपाची की मंजूरी से कोषालय से निकाला गया।

निपानिया स्कूल का बिल मंजूरी से पहले बना

Shahdol Paint Scam: इसी तरह निपानिया स्कूल में 275 मजदूर और 150 मिस्त्री दिखाकर 20 लीटर पेंटिंग, 10 खिड़की और 4 दरवाजों की फिटिंग का काम दर्शाया गया। इस पर 2,31,685 रुपए खर्च दिखाए गए। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि बिल 5 मई 2025 को सुधाकर कंस्ट्रक्शन ने तैयार किया, जबकि स्कूल प्राचार्य ने उसे पहले ही 4 अप्रैल 2025 को सत्यापित कर दिया। यानी बिल बनने से एक माह पहले ही मंजूरी दे दी गई, जो घोटाले के पुख्ता सबूत पेश कर रहा है।

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