प्रयागराज में NEET पेपर लीक के विरोध में CJP के सम

प्रयागराज में CJP के समर्थन में सड़कों पर उतरे हजारों छात्र, तेज बारिश में प्रदर्शन; शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

प्रयागराज। उत्तर प्रदेश में शनिवार को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के समर्थन में छात्र आंदोलन तेज हो गया। प्रयागराज, लखनऊ, कानपुर समेत कई शहरों में छात्र-छात्राएं प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रयागराज में तेज बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में छात्र सड़कों पर उतर आए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।

बारिश के बीच जुटे हजारों छात्र

प्रयागराज में सुबह करीब 10 बजे से छात्र पत्थर गिरजाघर इलाके में इकट्ठा होने लगे। प्रदर्शन में करीब दो हजार से अधिक छात्र-छात्राओं के शामिल होने का दावा किया गया। इसके बाद प्रदर्शनकारी जिलाधिकारी (DM) कार्यालय की ओर मार्च निकालने के लिए आगे बढ़े।

बारिश के बावजूद छात्रों का उत्साह कम नहीं दिखा। कई छात्र बारिश में नारे लगाते और प्रदर्शन करते नजर आए। कुछ छात्र विरोध जताने के लिए बारिश में डांस भी करते दिखे।

संविधान हाथ में लेकर किया प्रदर्शन

प्रदर्शन में शामिल कई छात्र अपने हाथों में संविधान की प्रतियां लेकर पहुंचे। उनका कहना था कि वे शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और निष्पक्षता की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई और कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, आंदोलन जारी रहेगा।

पोस्टरों ने खींचा ध्यान

प्रदर्शन के दौरान छात्रों के हाथों में कई अलग-अलग संदेश वाले पोस्टर दिखाई दिए। एक छात्र के पोस्टर पर लिखा था, "इस्तीफा है या नागमणि, दे ही नहीं रहे हो!" वहीं एक छोटी बच्ची भी पोस्टर लेकर प्रदर्शन में शामिल हुई, जिस पर लिखा था, "बेहतर भविष्य के लिए छात्र-युवाओं का संघर्ष जिंदाबाद!"

NEET पेपर लीक के विरोध में आंदोलन

यह प्रदर्शन NEET पेपर लीक और प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में आयोजित किया गया। CJP ने देशभर के छात्रों से आंदोलन में शामिल होने की अपील की थी, जिसके बाद उत्तर प्रदेश के कई शहरों में प्रदर्शन शुरू हुए।

पुलिस रही अलर्ट मोड पर

प्रदर्शन को देखते हुए उत्तर प्रदेश पुलिस को अलर्ट पर रखा गया है। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे। प्रशासन प्रदर्शन पर लगातार नजर बनाए हुए है।

छात्रों का स्पष्ट संदेश

प्रदर्शन में शामिल छात्रों का कहना है कि उनका आंदोलन शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग को लेकर है। उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा।