हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू

'HPU में कभी चुनाव नहीं जीता, लेकिन…', CM सुक्खू के किस्सों ने बटोरीं तालियां, स्थापना दिवस समारोह में गूंजे ठहाके

'HPU में कभी चुनाव नहीं जीता, लेकिन…', CM सुक्खू के किस्सों ने बटोरीं तालियां, स्थापना दिवस समारोह में गूंजे ठहाके

हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (HPU) के 57वें स्थापना दिवस समारोह में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का संबोधन यादगार बन गया। बुधवार को मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम में पहुंचे मुख्यमंत्री ने अपने छात्र जीवन से जुड़े कई रोचक अनुभव साझा किए। विश्वविद्यालय की राजनीति, छात्र संगठनों और अपने चुनावी सफर का जिक्र करते हुए उन्होंने ऐसा किस्सा सुनाया कि सभागार ठहाकों और तालियों से गूंज उठा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने अपने जीवन के आठ महत्वपूर्ण वर्ष हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में बिताए और यहीं से उनके राजनीतिक जीवन की शुरुआत हुई। उन्होंने बताया कि उस समय विश्वविद्यालय के वर्तमान कुलपति प्रोफेसर महावीर सिंह भी उनके साथ छात्र थे।

हिमाचल सीएम सुक्खू

'राजनीति यहीं से शुरू की, लेकिन विश्वविद्यालय में कभी चुनाव नहीं जीता'

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि लॉ विभाग में प्रवेश लेने के बाद उन्होंने विभागीय प्रतिनिधि (डीआर) का चुनाव लड़ा था। उस समय वह राष्ट्रीय छात्र संघ (NSUI) के प्रदेश अध्यक्ष भी थे, लेकिन इसके बावजूद विश्वविद्यालय में कभी चुनाव नहीं जीत सके।

उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि चुनाव जनता के बीच रहकर जीते जाते हैं। हालांकि व्यक्तिगत तौर पर उन्हें जीत नहीं मिली, लेकिन उनके कार्यकाल में एनएसयूआई को सबसे अधिक वोट मिले, जिसे वह अपनी बड़ी उपलब्धि मानते हैं। मुख्यमंत्री की यह बात सुनकर कार्यक्रम में मौजूद छात्र, शिक्षक और अतिथि ठहाके लगाने लगे।

'सांस्कृतिक कार्यक्रमों में सबसे ज्यादा सराहना, नतीजों में हमेशा तीसरा स्थान'

मुख्यमंत्री सुक्खू ने अपने छात्र जीवन के एक और दिलचस्प प्रसंग का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय विश्वविद्यालय में एनएसयूआई, एबीवीपी और एसएफआई जैसे प्रमुख छात्र संगठन सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करते थे।

हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (HPU)

उन्होंने कहा कि इन कार्यक्रमों में उनके प्रदर्शन की सबसे अधिक सराहना होती थी, लेकिन जब चुनाव परिणाम घोषित होते थे तो वह हमेशा तीसरे स्थान पर ही रहते थे। उनके इस आत्मीय और हास्यपूर्ण अंदाज ने पूरे सभागार का माहौल हल्का कर दिया।

HPU को बताया राष्ट्रीय नेतृत्व तैयार करने वाली संस्था

मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की सबसे बड़ी ताकत यह है कि यहां से निकले छात्र आज देश और प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में नेतृत्व की भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह विश्वविद्यालय ही है, जहां से निकलकर वह आज हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री बने हैं, जबकि प्रोफेसर महावीर सिंह विश्वविद्यालय के कुलपति के पद पर हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि विश्वविद्यालय की पहचान इस बात से भी मजबूत होती है कि यहां के पूर्व छात्र आज राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा रहे हैं।

तीनों प्रमुख छात्र संगठनों को मिला राष्ट्रीय नेतृत्व

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब वह छात्र थे, तब देश में तीन प्रमुख छात्र संगठन; एनएसयूआई, एसएफआई और एबीवीपी सक्रिय थे। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय ने इन तीनों संगठनों को राष्ट्रीय स्तर का नेतृत्व दिया है।

उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि आनंद शर्मा, राकेश सिंघा और जगत प्रकाश नड्डा जैसे नेता इसी विश्वविद्यालय से निकले और अपने-अपने क्षेत्रों में राष्ट्रीय पहचान बनाई। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह विश्वविद्यालय की लोकतांत्रिक परंपरा और मजबूत राजनीतिक संस्कृति का प्रमाण है, जिसने अनेक नेताओं को देश और समाज की सेवा के लिए तैयार किया है।