
राजस्थान एवं मध्य प्रदेश
सवाई माधोपुर, राजस्थान: मंगलवार देर रात से बारिश ने शहर को लील लिया। कई इलाकों में घरों में 5 फीट तक पानी भर गया, रास्तों पर पानी बहाव इतना तेज कि गाड़ियाँ एक-दूसरे पर चढ़ गईं। रेस्क्यू टीमें सुबह से बचाव अभियान में जुटी हैं। राज्य में 14 जिलों के स्कूल बंद, मौसम विभाग ने कई हिस्सों के लिए रेड और येलो अलर्ट जारी किए हैं। मध्य प्रदेश: अशोकनगर, श्योपुर, विदिशा, भोपाल, नर्मदापुरम, सीहोर जैसे जिलों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। स्कूलों की छुट्टी घोषित की गई है और कई रास्ते बंद किए गए हैं।हिमाचल प्रदेश
मंडी जिले में सोमवार रात बादल फटने की भीषण घटना के कारण तीन सदस्यों की मौत हो गई। दशकों में इतनी भीषण आपदा शायद ही कोई देख पाया हो। प्रदेशभर में भारी बारिश से अब तक 170 से अधिक मौतें, जिनमें 45 मंडी में हुईं। 357 से अधिक सड़कें बंद, जिनमें मंडी में अकेले 259 सड़कें, कुल्लू में 47, कांगड़ा में 24, चंबा में 14। बिजली और पानी की सप्लाई पर भी बुरा असर: लगभग 180 ट्रांसफॉर्मर खराब, 179 पेयजल योजनाएं प्रभावित।
स्कूलों में पानी भर गया
राजस्थान में बुंदी‑मंडावरा स्कूलों में पानी भर गया, बोलेरो और बाइक मलबे में असहाय पड़े। मंडी में बादल फटने से सड़कें, घर, दुकानें मलबे की चपेट में—‘जेल रोड’, ‘हॉस्पिटल रोड’ के इलाके मिट्टी और पानी से भर गए। हिमाचल की सरकारी टीम ने बताया कि मंडी ज़िले में करीब ₹708 करोड़ का नुकसान, जिसमें सार्वजनिक कार्यों, जल शक्ति और बिजली विभाग शामिल थे। लगभग 349 घर पूरी तरह, 546 आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त।एक परिवार का टूटना
सबसे दिल दहला देने वाली कहानी आई मंडी से—जहाँ एक पूरा परिवार जलमग्न हुआ। तीन लोग बचाने की कोशिश में बह गए, केवल एक व्यक्ति ज़िंदा बचे। आसपास के लोग अपने हाथ जोड़कर मदद के लिए आवाज़ लगा रहे थे। रात से उठे मलबे की गंध, रोते बच्चे, टूटे घर—एक नज़र में भावनाओं का तूफ़ान देखना मुश्किल था।सरकारी प्रयास
हिमाचल में एनडीआरएफ और एसडीआरएफ बचाव में लगे हुए हैं। राहत शिविरों में सैकड़ों लोग सुरक्षित हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को राज्यपाल ने मंडी में तबाही का ब्योरा दिया, उन्होंने सहायता का भरोसा दिलाया। मौसम विभाग ने हिमाचल में 오रेंज और रेड अलर्ट, राजस्थान‑MP में रेड/येलो अलर्ट जारी किए हैं—लोगों से जरूरी यात्रा न करने, जल निकासी में सहायता करने और सतर्क रहने को कहा गया है।