✈️ भारत ने पाकिस्तान के लिए एयरस्पेस प्रतिबंध पर विशेषज्ञों ने जताई चिंता
नई दिल्ली: भारत ने पाकिस्तान एयरलाइंस के लिए अपने एयरस्पेस को फिर से 23 जून तक बंद रखने का फैसला लिया है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने यह जानकारी दी और कहा कि पाकिस्तान के किसी भी विमान को भारतीय हवाई क्षेत्र से गुजरने की अनुमति नहीं होगी। यह फैसला NOTAM (Notice to Airmen) के तहत लिया गया है, और इसे 30 दिनों के लिए लागू किया गया है।
🛑 क्या है एयरस्पेस बंद होने का कारण?
भारत और पाकिस्तान दोनों ही एक-दूसरे के एयरस्पेस को बंद कर चुके हैं। पाकिस्तान ने भी भारतीय विमानों के लिए अपने एयरस्पेस को बंद कर दिया है। इस संबंध में, पूर्व राजदूत दीपक वोहरा ने ETV भारत से बातचीत में कहा कि पाकिस्तान की राष्ट्रीय एयरलाइंस पीआईए की स्थिति पहले ही बहुत खराब है। उन्होंने कहा,
“पाकिस्तान की एयरलाइंस में पैसा नहीं है, और वहाँ भारी भ्रष्टाचार है। कुछ साल पहले यह खबर आई थी कि पाकिस्तान के पायलट अपने लाइसेंस स्थानीय नाई की दुकानों से खरीदते थे।”
💡 भारत के बढ़ते एविएशन सेक्टर पर असर
विशेषज्ञों का कहना है कि पाकिस्तान का एयरस्पेस बंद करने का असर भारत के बढ़ते एविएशन सेक्टर पर पड़ेगा। दीपक वोहरा ने कहा,
“भारत का एविएशन सेक्टर हर साल 30-40% बढ़ रहा है। न केवल घरेलू उड़ानों में, बल्कि अंतरराष्ट्रीय यात्रा में भी तेजी से वृद्धि हो रही है। भारतीय उपभोक्ता अब यूरोप, अमेरिका और जापान जैसे देशों में यात्रा करना चाहता है।”
उन्होंने यह भी बताया कि भले ही पाकिस्तान के लिए उड़ानें कम हो रही हों, लेकिन भारत के बढ़ते यात्रियों के कारण एयरलाइनों को टिकट की कीमतों में बढ़ोतरी करनी पड़ सकती है, जो यात्रियों के लिए कुछ असुविधाजनक हो सकती है।
🌍 एयरलाइन कंपनियों पर बढ़ता दबाव
पाकिस्तान के एयरस्पेस बंद होने से भारतीय एयरलाइनों पर भी असर पड़ा है। 24 अप्रैल से अब तक 800 से अधिक साप्ताहिक उड़ानें उत्तर भारत के हवाई अड्डों से रीरूट की गई हैं। दिल्ली, अमृतसर, जयपुर और लखनऊ के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों से उड़ानें प्रभावित हुई हैं। प्रमुख एयरलाइनों जैसे Air India, IndiGo, Akasa Air और SpiceJet ने पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र से बचने के लिए रूटों में बदलाव किया है।
IndiGo ने विशेष रूप से अपनी उड़ानें, जो आलमाति और ताशकंद के लिए थीं, रद्द कर दी हैं। Cirium द्वारा प्रदान किए गए आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से 640 उड़ानें प्रभावित हुई हैं।
🚫 भारतीय विमान को इमरजेंसी में एयरस्पेस से गुजरने की अनुमति नहीं दी
भारत ने पाकिस्तान पर एक और गंभीर आरोप लगाया है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, पाकिस्तान ने एक भारतीय विमान को उसके हवाई क्षेत्र से गुजरने की अनुमति नहीं दी था, जबकि विमान को टर्बुलेंस का सामना हो रहा था और उसे एक सुरक्षित मार्ग पर डाइवर्ट करना था। यह घटना अंतरराष्ट्रीय एविएशन प्रथाओं का उल्लंघन था। दीपक वोहरा ने इसे मानवता के खिलाफ बताया और कहा,
“पाकिस्तान ने मानवीय दृष्टिकोण को नकारते हुए, भारतीय विमान को मदद देने से मना किया। यदि कोई अप्रिय घटना घटी होती, तो पाकिस्तान उसे ‘जिहाद की जीत’ के रूप में पेश करता।”
💬 भारत और पाकिस्तान के बीच उड़ानें: अब कोई द्विपक्षीय उड़ान नहीं
भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय उड़ानें बंद हो चुकी हैं। आखिरी बार पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस (PIA) ने 7 मई 2017 को कराची से मुंबई के लिए उड़ान भरी थी, लेकिन इसके बाद यह सेवा बंद कर दी गई। पूर्व भारतीय कूटनीतिज्ञ KP Fabian के अनुसार,
“पाकिस्तान का भारतीय विमानों को हवाई क्षेत्र से गुजरने की अनुमति न देना एक स्थापित कस्टम का उल्लंघन था। यह मानवता और अंतरराष्ट्रीय प्रथाओं के खिलाफ है।”
✨ भारत का एयरस्पेस कूटनीतिक दृष्टिकोण
भारत और पाकिस्तान दोनों ही अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन (ICAO) के सदस्य हैं और इस संगठन के तहत हवाई क्षेत्र पर संप्रभु अधिकार होते हैं। हालांकि, 1944 के शिकागो कन्वेंशन के तहत, मानवता के मामलों में अपातकालीन स्थितियों में हवाई क्षेत्र से गुजरने की अनुमति देना एक स्थापित प्रथा है, जिसे पाकिस्तान ने नकारा।
🌐 भारत-पाकिस्तान एयरस्पेस संकट
यह संकट दोनों देशों के बीच हवाई यात्रा को प्रभावित कर रहा है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि यह दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव और कूटनीतिक रिश्तों का हिस्सा है। भारत के पास अपनी बढ़ती एविएशन इंडस्ट्री के साथ इस स्थिति का सामना करने की आर्थिक ताकत है, लेकिन पाकिस्तान को आर्थिक नुकसान हो सकता है क्योंकि अंतरराष्ट्रीय उड़ानें पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र से गुजरती थीं।
