Yogi Adityanath: लखनऊ स्थित अपने सरकारी आवास पर सोमवार को ‘जनता दर्शन’ के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनता की समस्याएं सुनीं। इसी बीच मुरादाबाद से आई एक नन्हीं बच्ची वाची ने अपनी मासूम और सधी हुई फरियाद से सबका ध्यान खींच लिया।

Yogi Adityanat: मैं स्कूल जाना चाहती हूं
वाची ने मुख्यमंत्री से सीधे कहा – “मैं स्कूल जाना चाहती हूं, मेरा एडमिशन करवा दीजिए।” बच्ची की इस मासूम अपील पर मुख्यमंत्री मुस्कुरा उठे और उसकी बात ध्यान से सुनी। उन्होंने बच्ची से उसका हालचाल पूछा और उसका प्रार्थना पत्र भी खुद पढ़ा।
Yogi Adityanath: 10वीं या 11वीं में? तो वाची ने तुरंत जवाब दिया
मुख्यमंत्री ने जब वाची से मज़ाकिया अंदाज में पूछा कि किस क्लास में एडमिशन चाहिए – 10वीं या 11वीं में? तो वाची ने तुरंत जवाब दिया, “मुझे क्लास का नाम नहीं पता!” इस पर माहौल में हल्की मुस्कान फैल गई और मुख्यमंत्री ने तत्काल प्रमुख सचिव (गृह) संजय प्रसाद को बच्ची का प्रार्थना पत्र सौंपते हुए निर्देश दिया – “इस बच्ची का एडमिशन हर हाल में कराया जाए।”
Yogi Adityanath: इस बच्ची का एडमिशन हर हाल में कराया जाए
वाची ने खुद बताया कि वो मुरादाबाद से लखनऊ सीएम से मिलने आई थी। उसने बताया कि मुख्यमंत्री ने उसकी बात मानने का भरोसा दिया और साथ ही बिस्कुट और चॉकलेट भी दी।
Yogi Adityanath: संवेदना और इच्छाशक्ति दोनों जरूरी हैं
इस छोटे से पल ने ‘जनता दर्शन’ के गंभीर माहौल में एक मासूम सी मुस्कान घोल दी। बच्ची की आत्मविश्वास भरी बातचीत और मुख्यमंत्री की संवेदनशील प्रतिक्रिया ने यह साबित किया कि जब बात शिक्षा की हो, तो संवेदना और इच्छाशक्ति दोनों जरूरी हैं।
यह घटना न सिर्फ वाची के लिए खास रही, बल्कि हर उस बच्चे के लिए उम्मीद की किरण बन सकती है जो पढ़ना चाहता है, लेकिन किसी कारण से स्कूल नहीं जा पा रहा।
