भारतीय रिजर्व बैंक ने 19 टन खरीदा, चीन ने घटाई खरीद
world central banks : दुनियाभर के देशों के केंद्रीय बैंक अपने खजाने में सोने की मात्रा बढ़ा रहे हैं। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इन बैंकों ने चालू साल के पहले छह महीने में कुल 483 टन सोना खरीदा है, जो अब तक का रिकॉर्ड है। जो पिछले साल की तुलना में 5% ज्यादा है। पिछले साल इन बैंकों ने साल के पहले छह महीनों में 460 टन सोना खरीदा था। 2024 की दूसरी तिमाही में इन बैंकों ने 183 टन सोना खरीदा, जो पिछले साल के मुकाबले छह फीसदी ज्यादा है। हालांकि, यह इस साल की पहली तिमाही से 39 फीसदी कम है। केंद्रीय बैंकों ने जनवरी-मार्च तिमाही में 300 टन सोना खरीदा है।

साल की दूसरी तिमाही में सबसे ज्यादा सोना खरीदने के मामले में नेशनल बैंक ऑफ पोलैंड और भारतीय रिजर्व बैंक संयुक्त रूप से पहले स्थान पर रहे। इन दोनों बैंकों ने 19-19 टन सोना खरीदा था। तुर्की ने 15 टन सोना खरीदा और तीसरे स्थान पर रहा। तुर्की के केंद्रीय बैंक ने साल के पहले छह महीनों में 45 टन सोना खरीदा।
चीन के केंद्रीय बैंक ने खरीदारी कम की
जॉर्डन, कतर, रूस, किर्गिस्तान, इराक के केंद्रीय बैंकों ने भी दूसरी तिमाही में महत्वपूर्ण सोना खरीदा। उधर, चीन के केंद्रीय बैंक ने खरीदारी कम कर दी है। सोने की कीमतों पर कई वजहों से असर पड़ रहा है। इनमें अमेरिकी डॉलर की चाल, मुद्रास्फीति, सोने के आभूषणों की मांग शामिल है।
केंद्रीय बैंकों की लिवाली से अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में मजबूती बनी रही। हालांकि, निवेशकों का ध्यान इस बात पर केंद्रित है कि फेडरल रिजर्व ब्याज दर के मुद्दे पर कैसे फैसला करता है। वैश्विक स्तर पर सोना 2535 डॉलर और चांदी 29 डॉलर के आसपास कारोबार कर रही है, जबकि अहमदाबाद में सोना 74000 रुपये और चांदी 83500 रुपये पर बोली गई।
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