Workout During Periods: पीरियड्स महिलाओं के लिए हर महीने होने वाली एक प्राकृतिक प्रक्रिया है। इस दौरान हार्मोनल बदलाव के कारण मूड स्विंग्स, थकान, पेट और कमर में दर्द जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं। पीरियड्स के पहले 2-3 दिन ज्यादा तकलीफ, दर्द और कमजोरी महसूस होती है, जिस वजह से कई महिलाएं, लड़कियां आराम करना पसंद करती हैं, वही कुछ महिलाएं पीरियड्स के दौरान भी रेगुलर वर्कआउट करना जारी रखती हैं।
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वर्कआउट करें या नहीं?
कई महिलाओं को लगता है कि वर्कआउट करने से पीरियड्स का दर्द बढ़ सकता है, इसलिए वे इस दौरान एक्सरसाइज से दूरी बना लेती हैं। जबकि कुछ महिलाएं मानती हैं कि एक्टिव रहने से पीरियड्स की तकलीफ कम हो जाती है। ऐसे में यह सवाल आम हो जाता है कि आखिर मासिक धर्म के दौरान वर्कआउट करना सेफ है या नहीं?

जानिए एक्सपर्ट की राय?
सूत्रो के अनुसार, आर्टेमिस हॉस्पिटल्स की यूनिट हेड और स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. निधि रजोतिया के मुताबिक, पीरियड्स के दौरान वर्कआउट करना बिल्कुल सेफ है। बस जरूरी है कि महिलाएं अपनी बॉडी और एनर्जी लेवल को समझें और उसी के अनुसार एक्सरसाइज करें। हाई इंटेनसिटी वर्कआउट की जगह हल्की एक्सरसाइज करना बेहतर है। अगर ज्यादा थकान या दर्द महसूस हो तो ब्रेक लेना ही सही उपाय है।

पीरियड्स में कौन-सी एक्सरसाइज सही?
एक्सपर्ट्स के अनुसार, मासिक धर्म के दौरान हल्की-फुल्की एक्सरसाइज सबसे फायदेमंद होती है। इनमें शामिल हैं:
1. वॉकिंग – ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है।
2. योग और स्ट्रेचिंग – पेट और कमर का दर्द कम करने में मदद करते हैं।
3. मेडिटेशन – स्ट्रेस और मूड स्विंग्स को कंट्रोल करता है।

एक्सरसाइज से कैसे मिलता है फायदा?
पीरियड्स में एक्टिव रहने से एंडोर्फिन हार्मोन रिलीज होता है, जिसे फील-गुड हार्मोन कहा जाता है। यह मूड स्विंग्स और स्ट्रेस को कम करता है और शरीर को रिलैक्स रखता है। साथ ही ब्लड फ्लो बेहतर होने से क्रैम्प्स भी कम हो जाते हैं।
किन बातों का रखें ध्यान?
1. अगर बहुत ज्यादा ब्लीडिंग, ऐंठन या कमजोरी हो तो वर्कआउट न करें।
2. चक्कर आने या थकान महसूस होने पर ब्रेक लें।
3. शरीर को जितना आराम चाहिए, उतना जरूर दें।

सावधानी…
कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि पीरियड्स के दौरान वर्कआउट करना सेफ है। लेकिन हर महिला को अपनी हेल्थ और क्षमता के हिसाब से एक्सरसाइज करनी चाहिए। हल्की एक्सरसाइज जहां दर्द और स्ट्रेस कम करती है, वहीं जरूरत पड़ने पर आराम करना भी उतना ही जरूरी है।
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