west bengal violence maheshtala temple : 12 गिरफ्तार, BJP-TMC आमने-सामने वीडियो वायरल
📰 मुख्य बिंदु:
- महेशतला के वार्ड नंबर 7 में शिव मंदिर पर कथित तोड़फोड़ के बाद भड़की हिंसा
- 5 लोग घायल, 12 उपद्रवी गिरफ्तार
- BJP का आरोप: पुलिस ने जानबूझकर लापरवाही बरती, हिंसा को बढ़ावा मिला
- TMC का पलटवार: भाजपा दे रही सांप्रदायिक रंग ( west bengal violence maheshtala temple )
🚨 क्या हुआ महेशतला में?
पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के रवींद्रनगर इलाके में बुधवार को दो समुदायों के बीच भीषण झड़प हुई। झगड़े की शुरुआत एक शिव मंदिर में कथित तोड़फोड़ की खबर के बाद हुई। यह इलाका मेटियाब्रुज विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है।
घटना इतनी तेजी से बढ़ी कि कुछ ही घंटों में उपद्रवियों ने:
- पुलिस स्टेशन के बाहर पथराव किया
- टायर जलाए,
- एक बाइक को आग के हवाले कर दिया
इस हिंसा में:
- 5 लोग घायल हो गए
- 1 महिला पुलिसकर्मी समेत कई पुलिसकर्मी जख्मी हुए
- 12 उपद्रवियों को गिरफ्तार किया गया
📸 वायरल हुआ BJP का वीडियो
बीजेपी ने एक वीडियो जारी किया जिसमें एक व्यक्ति को तुलसी के पौधे को तोड़ते हुए दिखाया गया है।
पार्टी का दावा है कि यह वीडियो मंदिर में तोड़फोड़ का प्रमाण है।
👮 पुलिस पर पक्षपात का आरोप
विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने आरोप लगाया कि:
“पुलिस ने हमला करने वालों को छोड़ा और हिंदू पक्ष पर एकतरफा कार्रवाई की।”
- उन्होंने रवींद्रनगर थाने के इंस्पेक्टर मुकुल मिया को निलंबित करने की मांग की
- साथ ही, उनकी राजनीतिक संबद्धता (TMC से) पर सवाल उठाए
- एक तस्वीर भी वायरल की गई जिसमें मुकुल मिया TMC कार्यक्रम में मंच पर नजर आ रहे हैं
🗨️ BJP नेताओं की प्रतिक्रिया
📣 शुभेंदु अधिकारी:
“यह सिर्फ प्रशासनिक विफलता नहीं, बल्कि राजनीतिक संरक्षण में हुआ हमला है।”
📣 सुकांत मजूमदार:
“राज्य सरकार तुष्टिकरण की राजनीति कर रही है, पीड़ितों के खिलाफ केस दर्ज हो रहे हैं।”
दोनों नेताओं ने राज्यपाल सीवी आनंद बोस से हस्तक्षेप की मांग की है।
🧿 TMC का जवाब: “BJP बना रही है सांप्रदायिक माहौल”
तृणमूल कांग्रेस ने बीजेपी के आरोपों को सिरे से खारिज किया।
कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम ने कहा:
“यह एक स्थानीय विवाद था जिसे भाजपा सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश कर रही है। हम किसी भी तरह की हिंसा की निंदा करते हैं।”
🔍 पृष्ठभूमि: क्या यह कोई पहली घटना है?
नहीं। पश्चिम बंगाल में अप्रैल 2025 में भी कई संवेदनशील जिलों में हिंसा देखी गई थी:
- 11-12 अप्रैल:
मुर्शिदाबाद में वक्फ बोर्ड कानून के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान तीन लोगों की मौत हुई थी
कई लोग घायल हुए, स्थिति बेकाबू हो गई थी
इन घटनाओं से साफ है कि बंगाल में सांप्रदायिक तनाव की चिंगारी कभी भी आग बन सकती है, और प्रशासन को पहले से सतर्क रहने की जरूरत है।

🔒 प्रशासन का रुख
- कोलकाता पुलिस और RAF (Rapid Action Force) को मौके पर तैनात किया गया है
- हालात नियंत्रण में हैं लेकिन माहौल अब भी तनावपूर्ण है
- धारा 163 लागू कर दी गई है ताकि उपद्रव को रोका जा सके
🧯 अगले कदम क्या?
राज्य सरकार और केंद्र सरकार दोनों से:
- शांति बहाली के प्रयास तेज करने
- न्यायिक जांच की मांग
- पक्षपात करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई
BJP चाहती है कि केंद्रीय बलों की तैनाती हो
TMC कह रही है कि “स्थिति नियंत्रण में है, विपक्ष सिर्फ आग भड़का रहा है”
🧠 राज्यपाल हस्तक्षेप करते हैं
पश्चिम बंगाल की राजनीति फिर से ध्रुवीकरण की दिशा में जाती दिख रही है।
जहां BJP हिंदू विरोध की बात कर रही है, वहीं TMC इसे “स्थानीय विवाद” बता रही है।
अब देखना ये होगा कि: क्या राज्यपाल हस्तक्षेप करते हैं?
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