Veerangana fair in Gwalior : पूर्व पीएम अटल बिहारली वाजपेयी की स्मृति में होगी कैबिनेट बैठक
Veerangana fair in Gwalior : महारानी लक्ष्मीबाई के 167वें बलिदान दिवस पर ग्वालियर में दो दिवसीय वीरांगना बलिदान मेले का आयोजन किया गया। समापन दिवस पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने न केवल वीरांगना को श्रद्धांजलि दी, बल्कि ग्वालियर में राज्य कैबिनेट की एक विशेष बैठक आयोजित करने की घोषणा कर अंचलवासियों को बड़ा तोहफा दिया।
कैबिनेट बैठक अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृति में
मुख्यमंत्री ने कहा, “पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृति में राज्य मंत्रिमंडल की एक बैठक ग्वालियर में होगी। यह केवल श्रद्धांजलि नहीं बल्कि ग्वालियर के विकास की दिशा में एक कदम होगा।”
‘खूब लड़ी मर्दानी’ महानाट्य और आयोजन
मुख्यमंत्री ने बलिदान मेला आयोजन समिति को ₹5 लाख की सहायता देने की घोषणा की। उन्होंने बताया कि “खूब लड़ी मर्दानी” महानाट्य और आयोजन समिति के योगदान को राज्य सरकार सराहती है। इसके साथ ही, वीरांगना की समाधि के सामने के ऐतिहासिक मैदान को विकसित करने की बात कही गई। इस कार्य की रूपरेखा पूर्व मंत्री जयभान सिंह पवैया तैयार करेंगे।
वीरांगना को किया नमन
सीएम ने कहा, “महारानी लक्ष्मीबाई ने देश की आजादी के लिए प्राणों की आहुति दी। उन्होंने अंग्रेजों के दांत खट्टे कर दिए। यह आयोजन उस बलिदान को याद रखने और नई पीढ़ी को प्रेरणा देने के लिए है।”
साल 2000 में शुरू हुआ था मेला बलिदान मेला के संस्थापक जयभान सिंह पवैया ने बताया कि मेला साल 2000 में शुरू किया गया था, यह 26वां वर्ष है। समारोह में महानाट्य “खूब लड़ी मर्दानी’ का मंचन किया गया। इसमें 200 पात्र व सजीव घोड़ों पर युद्ध का प्रदर्शन किया गया। इसके बाद क्रांतिवीर और शहीदों के परिजनों का सम्मान किया गया।
बलिदान मेले के 26वें आयोजन में अंडर 19 क्रिकेट टीम में बेहतर प्रदर्शन करने वाली ग्वालियर की वैष्णवी शर्मा को वीरांगना सम्मान से सम्मानित किया। साथ ही सरहद पर शहीद हुए विवेक सिंह तोमर की पत्नी रेखा तोमर और क्रांतिवीर मंगल पांडे के साथी दुर्गासिंह के वंशज विजय सिंह सिसौदिया को भी सम्मानित किया।
250 कलाकार बने महानाट्य ‘खूब लड़ी मर्दानी’ के साक्षी
बलिदान मेले में महानाट्य ‘खूब लड़ी मर्दानी’ का मंचन किया है। 250 कलाकारों ने इस महानाट्य में भागीदारी कर झांसी की रानी की कहानी को सजीव बनाया है। यह महानाट्य निर्देशक चंद्र प्रताप सिंह सिकरवार के मार्गदर्शन में किया गया है। इस महानाट्य में सिर्फ महारानी लक्ष्मीबाई के बचपन से लेकर शहीद होने तक के किरदार को 15 बालिकाओं ने निभाया है।यह महानाट्य “खूब लड़ी मर्दानी’ 60 मिनट (एक घंटे) की प्रस्तुति रही है। महानाट्य में 100 कलाकारों ने सिर्फ विवाहोत्सव में नृत्य किया है। महानाट्य के अलग-अलग पार्ट को स्पष्ट दर्शाने के लिए 9 छोटे-बड़े मंच बनाए गए हैं। जिसमें 12 घोड़े और दो ऊंट का भी उपयोग किया गया है। इस तरह झांसी की रानी वीरांगना लक्ष्मीबाई के पूरे जीवन और संघर्ष को चरितार्थ किया गया है।
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