Uttarakhand Weather: उत्तराखंड में खराब मौसम के कारण मुख्यमंत्री मेधावी छात्र प्रोत्साहन छात्रवृत्ति परीक्षा एक बार फिर स्थगित कर दी गई है। मौसम विभाग द्वारा प्रदेश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किए जाने के बाद यह फैसला लिया गया। इस परीक्षा का आयोजन आज, 12 अगस्त को किया जाना था, लेकिन छात्रों की सुरक्षा को देखते हुए इसे अगली सूचना तक टाल दिया गया है।

Uttarakhand Weather: नई तिथि की घोषणा बाद में की जाएगी
एससीईआरटी (राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद) के अपर निदेशक पदमेंद्र सकलानी ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी करते हुए कहा कि छात्र-छात्राओं की सुरक्षा सर्वोपरि है। परीक्षा से संबंधित सभी गतिविधियों को रोक दिया गया है और नई तिथि की घोषणा बाद में की जाएगी।
Uttarakhand Weather: 347 परीक्षा केंद्रों पर किया जाना था
इस छात्रवृत्ति परीक्षा में राज्य भर से लगभग 65,000 छात्र-छात्राएं शामिल होने वाले थे। परीक्षा का आयोजन जूनियर और माध्यमिक स्तर के 347 परीक्षा केंद्रों पर किया जाना था।
Uttarakhand Weather: चेतावनी के कारण परीक्षा को टालना पड़ा
गौरतलब है कि यह परीक्षा पहले 8 जुलाई को होनी थी, लेकिन पंचायत चुनावों के चलते इसे स्थगित कर 12 अगस्त को कराने का निर्णय लिया गया था। अब एक बार फिर मौसम विभाग की चेतावनी के कारण परीक्षा को टालना पड़ा है।
शिक्षा के क्षेत्र में प्रोत्साहन मिल सके
Uttarakhand Weather: मुख्यमंत्री मेधावी छात्र प्रोत्साहन छात्रवृत्ति योजना उत्तराखंड सरकार की एक प्रमुख योजना है, जिसके अंतर्गत सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले कक्षा 6वीं से 12वीं तक के मेधावी छात्रों को आर्थिक सहायता दी जाती है। इस योजना के तहत चयनित छात्रों को हर महीने 600 रुपये से 1200 रुपये तक की छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है, जिससे उन्हें शिक्षा के क्षेत्र में प्रोत्साहन मिल सके।
वेबसाइट या स्कूल प्रशासन से प्राप्त करें
Uttarakhand Weather: प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश और मौसम विभाग के अलर्ट को देखते हुए राज्य सरकार और शिक्षा विभाग ने सतर्कता बरतते हुए यह निर्णय लिया है। फिलहाल सभी संबंधित अधिकारियों और छात्रों को सलाह दी गई है कि वे आगे की सूचना का इंतजार करें और परीक्षा से जुड़ी नई तारीखों की जानकारी विभागीय वेबसाइट या स्कूल प्रशासन से प्राप्त करें।
इस निर्णय से छात्र-छात्राओं और उनके अभिभावकों को भले ही असुविधा हुई हो, लेकिन यह कदम उनकी सुरक्षा और भलाई को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
