
CM ने की धान की रोपाई
मुख्यमंत्री धामी ने धान की रोपाई के दौरान किसानों की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि अन्नदाता न केवल हमारी अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, बल्कि हमारी संस्कृति और परंपराओं के संवाहक भी हैं। किसानों का श्रम और समर्पण समाज के लिए अनमोल है, जो न केवल खाद्यान्न उपलब्ध कराता है, बल्कि हमारी सांस्कृतिक विरासत को भी जीवित रखता है। धामी ने इस बात पर जोर दिया कि खेती केवल आजीविका का साधन नहीं, बल्कि एक जीवन शैली और परंपरा है, जो पीढ़ियों से चली आ रही है।

Dhami Paddy Transplantation Khatima:”हुड़किया बौल” का प्रदर्शन
इस अवसर पर खटीमा के स्थानीय ग्रामीण महिलाओं ने उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा “हुड़किया बौल” के माध्यम से भूमि के देवता भूमियां, पानी के देवता इंद्र और छाया के देव मेघ की वंदना की। यह परंपरा उत्तराखंड के ग्रामीण जीवन का अभिन्न हिस्सा है, जो प्रकृति के प्रति कृतज्ञता और श्रद्धा को दर्शाती है। “हुड़किया बौल” के गीतों और नृत्यों ने रोपाई के माहौल को और भी उत्साहपूर्ण बना दिया। यह आयोजन न केवल खेती के महत्व को दर्शाता है, बल्कि उत्तराखंड की सांस्कृतिक धरोहर को भी सामने लाता है।

मुख्यमंत्री का किसानों के प्रति प्रोत्साहन
धान की रोपाई के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने स्थानीय किसानों के साथ समय बिताया और उनके मनोबल को बढ़ाया। उन्होंने किसानों की मेहनत की सराहना की और उनके सामने आने वाली चुनौतियों को समझने का प्रयास किया। धामी ने कहा कि उनकी सरकार किसानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है और विभिन्न योजनाओं के माध्यम से उनकी बेहतरी के लिए कार्य कर रही है। इस अवसर पर उन्होंने अच्छी फसल और समृद्धि की प्रार्थना की, ताकि किसानों का श्रम रंग लाए। मुख्यमंत्री का यह कदम न केवल उनके जमीन से जुड़े होने का प्रमाण है, बल्कि किसानों के प्रति उनकी संवेदनशीलता को भी दर्शाता है।
अशोक सरकार की रिपोर्ट
