
कुंभ मेला 2027 के लिए तैयारियां
मुख्यमंत्री धामी ने कुंभ मेला 2027 के लिए व्यापक तैयारियों पर जोर दिया। उन्होंने ऋषिकेश और हरिद्वार जैसे प्रमुख तीर्थ स्थलों में बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने की आवश्यकता बताई। कुंभ मेले में लाखों श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है, जिसके लिए बिजली, सड़क, आवास और अन्य सुविधाओं का विकास जरूरी है। मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार से इस दिशा में वित्तीय और तकनीकी सहायता की मांग की।
मनोहर लाल खट्टर का जताया आभार
मुख्यमंत्री ने ऋषिकेश के गंगा कॉरिडोर में HT/LT विद्युत लाइनों के भूमिगतकरण और स्वचालन से संबंधित एक महत्वपूर्ण परियोजना का जिक्र किया। इस परियोजना की डीपीआर (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट) की लागत 547.83 करोड़ रुपये है, जिसे रिवाइज्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम (RDSS) के तहत स्वीकृति मिल चुकी है। धामी ने इस स्वीकृति के लिए केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर का आभार व्यक्त किया। यह परियोजना न केवल क्षेत्र की सौंदर्यता को बढ़ाएगी, बल्कि विद्युत आपूर्ति को भी अधिक विश्वसनीय बनाएगी।

Kumbh Mela 2027: 315 करोड़ रुपये की योजना
मुख्यमंत्री ने हरिद्वार कुंभ क्षेत्र के लिए एक अन्य महत्वपूर्ण प्रस्ताव पर चर्चा की, जिसकी अनुमानित लागत 315 करोड़ रुपये है। इस प्रस्ताव को भी RDSS योजना के तहत शामिल करने का अनुरोध किया गया। धामी ने केंद्रीय मंत्री से इस परियोजना को शीघ्र अनुमोदन प्रदान करने की अपील की, ताकि कुंभ मेले की तैयारियों को समय पर पूरा किया जा सके। इस परियोजना के तहत विद्युत आपूर्ति और बुनियादी ढांचे को और सुदृढ़ किया जाएगा, जो मेले के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए महत्वपूर्ण है।
केंद्र-राज्य सहयोग की आवश्यकता
कुंभ मेला न केवल उत्तराखण्ड, बल्कि पूरे देश के लिए एक सांस्कृतिक और धार्मिक महत्त्व का आयोजन है। मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि इस आयोजन को सफल बनाने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों के बीच समन्वय और सहयोग आवश्यक है। उन्होंने केंद्रीय विद्युत मंत्रालय से बुनियादी ढांचे के विकास, विशेष रूप से विद्युत व्यवस्था को मजबूत करने में सहायता की अपील की।
