जब सरकारें बंद होती हैं, तो सिर्फ ऑफिस नहीं- इंसानों की ज़िंदगी रुक जाती है
750,000 परिवारों की नींद उड़ गई है
us government shutdown trump funding bill: कल्पना कीजिए आप रोज़ सुबह एक फेडरल ऑफिस जाते हैं। आपकी ज़िंदगी का हर हिस्सा उसी सैलरी से चलता है। और फिर एक दिन आपको कहा जाता है
अब ऑफिस बंद है, आप घर जाइए… पता नहीं कब तक!
अमेरिका के 7.5 लाख से ज़्यादा सरकारी कर्मचारियों को ठीक यही सुनना पड़ा, क्योंकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प सरकार के फंडिंग बिल को सीनेट में पास नहीं करा पाए। ट्रम्प की पार्टी रिपब्लिकन के पास बहुमत है, लेकिन वे विपक्षी डेमोक्रेट्स का समर्थन पाने में नाकाम रहे। और नतीजा सरकारी शटडाउन।
शटडाउन मतलब क्या होता है?
“शटडाउन” कोई मशीनी शब्द नहीं ये हज़ारों अस्पतालों, स्कूलों, रिसर्च लैब्स और कोर्ट रूम्स का अंधेरा हो जाना है। ये उन लाखों लोगों की सांसें थम जाना है, जो अब सोच रहे हैं क्या मेरी नौकरी बचेगी?
- कृषि, श्रम, पशु चिकित्सा जैसे विभागों के ऑफिस बंद
- सुप्रीम कोर्ट और नेशनल लाइब्रेरी तक पर ताले
- हजारों एजेंसियों को कहा गया – “पैसा नहीं है, घर जाओ”
राजनीति की ज़िद, आम लोगों की हार
फंडिंग बिल पर लगातार दो दिन वोटिंग हुई लेकिन नतीजा वही:
- ट्रम्प का बिल 60 की ज़रूरत में 55 वोटों से फेल
- डेमोक्रेट्स का हेल्थकेयर-सपोर्टेड बिल भी गिर गया
सीनेट अब शुक्रवार तक स्थगित है, और तब तक अमेरिका का एक बड़ा हिस्सा जैसे “पॉज़” पर है।
कौन जिम्मेदार है? अब ये खेल शुरू हो गया है
रिपब्लिकन लीडर जॉन थ्यून ने डेमोक्रेट्स पर निशाना साधा
“उन्होंने अपनी वामपंथी नीतियों के लिए अमेरिका को बंधक बना लिया।”
डेमोक्रेट लीडर चक शूमर ने जवाब दिया
“ट्रम्प ने हेल्थकेयर छीनने की कोशिश की, हम चुप नहीं बैठेंगे।”
लेकिन सच्चाई ये है कि इस लड़ाई में ना ट्रम्प हारते हैं, ना डेमोक्रेट्स… हारता है वो आदमी, जो ATM लाइन में खड़ा है ये सोचकर कि अकाउंट में सैलरी आएगी या नहीं।
नौकरियों पर मंडराता खतरा
इस शटडाउन में सिर्फ छुट्टी नहीं मिली बल्कि 3 लाख नौकरियों पर सीधा खतरा है। ट्रम्प का कहना है कि वे शटडाउन से “अच्छी चीज़ें निकालेंगे”, लेकिन सवाल ये है क्या एक राष्ट्रपति की नीतियों की कीमत एक जूनियर स्टाफ की नौकरी होनी चाहिए?
हेल्थकेयर: लड़ाई की जड़
इस पूरे टकराव की जड़ है ओबामा हेल्थकेयर प्रोग्राम। डेमोक्रेट्स इसे बचाना और सब्सिडी बढ़ाना चाहते हैं। ट्रम्प और रिपब्लिकन को लगता है इससे “गैरज़रूरी खर्च” बढ़ेगा। इसी विवाद ने अमेरिका को इस मोड़ पर ला दिया जहां एक-एक वोट की कमी से पूरी सरकार रुक गई।
