कन्हैयालाल हत्याकांड पर बनी फिल्म ‘उदयपुर फाइल्स’, परिवार सहित बेटे यश तेली भी देखेंगे मूवी

उदयपुर में कन्हैयालाल की हत्या पर आधारित फिल्म ‘उदयपुर फाइल्स’ आज देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज हो रही है। फिल्म का निर्माण किया है अमित जानी ने और इसका निर्देशन भरत एस. श्रीनाते ने किया है। यह फिल्म 4500 स्क्रीन पर रिलीज होगी, जिसमें उदयपुर के तीन प्रमुख सिनेमाघर—सेलिब्रेशन मॉल, अर्बन स्क्वायर और लेकसिटी मॉल भी शामिल हैं। फिल्म को लेकर सुरक्षा इंतजामों का खास ध्यान रखा गया है।
फिल्म में कन्हैयालाल हत्याकांड
यह फिल्म 28 जून 2022 को हुए कन्हैयालाल हत्याकांड पर आधारित है, जब उदयपुर में उनके दुकान में घुसकर उनका गला काटकर हत्या की गई थी। कन्हैयालाल की हत्या के पीछे तालिबानी मानसिकता का हवाला दिया गया था, जो उनकी सोशल मीडिया पोस्ट के कारण हुई धमकियों के बाद आई थी।
फिल्म में इस पूरी घटना को दर्शाया गया है, जहां आतंकवादी मानसिकता के लोगों ने इस जघन्य हत्या को अंजाम दिया। कन्हैयालाल के बेटे, यश तेली ने भी फिल्म को देखने की अपील की है और कहा है कि इस फिल्म में उनके पिता की हत्या के पीछे की सच्चाई को दिखाया गया है।

सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस के इंतजाम
कन्हैयालाल हत्याकांड पर बनी इस फिल्म के रिलीज को लेकर उदयपुर पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। फिल्म को लेकर कन्हैयालाल के परिवार के सदस्य भी मूवी देखने के लिए सिनेमाघरों में जाएंगे। फिल्म का एक एक शो तीनों सिनेमाघरों में रखा गया है, और पुलिस ने सुरक्षा के लिहाज से सभी तरह के इंतजाम किए हैं ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।
फिल्म की रिलीज पर विवाद और कोर्ट मामला
फिल्म को लेकर कुछ धार्मिक संगठनों और कन्हैयालाल हत्याकांड के आरोपी मोहम्मद जावेद ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी, जिससे फिल्म की रिलीज को लेकर कड़ी बहस हुई। इसके बाद दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को निर्देश दिए थे कि वह फिल्म की समीक्षा कर यह सुनिश्चित करें कि फिल्म सिनेमेटोग्राफ एक्ट की धारा 6 के तहत रिलीज के योग्य है या नहीं।

फिल्म के निर्माता अमित जानी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर फिल्म की रिलीज की घोषणा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका मकसद किसी को निशाना बनाना नहीं है, बल्कि सिर्फ एक घटना को दर्शकों के सामने लाना है।
कन्हैयालाल हत्याकांड
यह हत्या 28 जून 2022 को उदयपुर के गोवर्धन विलास इलाके में हुई थी। कन्हैयालाल को पहले धमकियां मिल रही थीं, जिनके कारण उन्होंने पुलिस में रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी। बावजूद इसके, रियाज अंसारी और मोहम्मद गौस ने उनके दुकान में घुसकर कन्हैयालाल की गला काटकर हत्या कर दी थी।
हत्या के बाद एनआईए ने इस मामले को आतंकी कृत्य मानते हुए पाकिस्तान में कराची के सलमान और अबू इब्राहिम को मुख्य आरोपियों के तौर पर नामित किया। फिल्म में इन घटनाओं को बहुत ही संवेदनशील तरीके से दर्शाया गया है।
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