Udaipur Files Movie Ban: फिल्म की रिलीज पर एक दिन पहले हाईकोर्ट ने लगाई थी रोक
विवादित फिल्म ‘उदयपुर फाइल्स’ की 12 जुलाई को तय रिलीज से ठीक एक दिन पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने उस पर अंतरिम रोक लगा दी। कोर्ट के इस फैसले के खिलाफ फिल्म प्रोड्यूसर्स सीधे सुप्रीम कोर्ट पहुंचे और अर्जेंट सुनवाई की मांग की। एडवोकेट गौरव भाटिया ने कोर्ट को बताया कि “सभी थिएटर बुक हो चुके हैं, रिलीज पर रोक से भारी आर्थिक नुकसान होगा।”
सुप्रीम कोर्ट ने याचिका की मंजूर
सुनवाई के दौरान जस्टिस सूर्यकांत ने पूछा – “क्या फिल्म रिलीज की अनुमति सेंसर बोर्ड से मिल चुकी है?” इस पर एडवोकेट भाटिया ने बताया कि फिल्म को सेंसर बोर्ड ने पास कर दिया है, प्रमाणपत्र मौजूद है और सभी लॉजिस्टिक्स तैयार हैं। सुप्रीम कोर्ट ने अब याचिका को लिस्ट करने का आदेश दिया है। भाटिया ने 15 जुलाई को सुनवाई की मांग की, लेकिन कोर्ट ने उसे बुधवार या अन्य उपयुक्त दिन के लिए रखने का निर्देश दिया।

क्या है ‘उदयपुर फाइल्स’ का मामला?
यह फिल्म 28 जून 2022 को उदयपुर में दर्ज़ी कन्हैयालाल की बर्बर हत्या पर आधारित है। कन्हैयालाल की हत्या मोहम्मद रियाज अत्तारी और गौस मोहम्मद ने गला काटकर कर दी थी। हत्या का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था और इसे आतंकी हमला मानकर एनआईए ने जांच शुरू की थी। अब इस घटना पर आधारित फिल्म की रिलीज से पहले ही विवाद गहरा गया है।
हाईकोर्ट में क्यों लगी रोक?
फिल्म के खिलाफ आठवें आरोपी मोहम्मद जावेद ने याचिका लगाई थी कि फिल्म के रिलीज से उसका फेयर ट्रायल प्रभावित होगा। सुप्रीम कोर्ट ने यह याचिका पहले खारिज कर दी थी। इसके बाद जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने दिल्ली हाईकोर्ट में फिल्म को लेकर याचिका दायर की, जिसमें सांप्रदायिक हिंसा भड़कने की आशंका जताई गई।
11 जुलाई को जस्टिस डी.के. उपाध्याय और जस्टिस अनीश दयाल की बेंच ने तीन याचिकाओं की सुनवाई के बाद फिल्म की रिलीज पर अंतरिम रोक लगा दी।
जाने फिल्म में क्या है विवादित?
फिल्म के ट्रेलर में नूपुर शर्मा के विवादित बयान और ज्ञानवापी मामले की कोर्ट सुनवाई के सीन भी शामिल हैं। ट्रेलर सामने आने के बाद से ही इसे लेकर सांप्रदायिक तनाव भड़कने की चेतावनी दी गई है। वाराणसी में मुस्लिम संगठन ने भी प्रशासन से फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने की मांग की है।
एनआईए ने पाकिस्तान कनेक्शन भी किया था उजागर
एनआईए की चार्जशीट में 11 आरोपी शामिल हैं, जिनमें दो आरोपी सलमान और अबू इब्राहिम पाकिस्तान के कराची निवासी बताए गए हैं। चार्जशीट में हत्या, साजिश, धार्मिक भावनाओं को भड़काने और UAPA की धाराओं के तहत आरोप दर्ज हैं।
आगे क्या?
फिल्म निर्माताओं का कहना है कि फिल्म सच की प्रस्तुति है और उन्हें संवैधानिक अधिकारों के तहत फिल्म रिलीज की अनुमति मिलनी चाहिए। वहीं दूसरी ओर विरोध करने वालों का दावा है कि यह फिल्म अदालती प्रक्रिया में हस्तक्षेप कर सकती है।अब सभी की नजरें सुप्रीम कोर्ट की अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जहां तय होगा कि ‘उदयपुर फाइल्स’ सिनेमाघरों तक पहुंचेगी या नहीं।
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