Tulsi Vivah Remedies for Marriage: हिंदू धर्म में तुलसी विवाह बहुत महत्वपूर्ण त्योहार माना जाता है। विशेषकर उन युवक – युवतियों के लिए यह दिन विशेष महत्व रखता है, जिनकी शादी में देरी हो रही हो या जिनका रिश्ता किसी कारणवश बार -बार टूट रहा हो।
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शास्त्रों के अनुसार तुलसी विवाह के दिन किए गए उपायों से विवाह संबंधी बाधाएं दूर हो जाती हैं और मनोकामनाओं की पूर्ति होती है।
तुलसी विवाह कब मनाया जाता है?
ज्योतिषाचार्य हितेंद्र शर्मा के अनुसार, कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी को पूरे देश में तुलसी विवाह का त्योहार मनाते है। इस वर्ष यह उत्सव 1 नवंबर को मनाया जाएगा। इस दिन तुलसी माता और शालिग्राम भगवान का विवाह किया जाता है। ऐसा करने से कहते है कन्यादान के समान पुण्य प्राप्त होता है। इसके साथ ही इस दिन देवउठान एकादशी का पर्व भी मनाया जाता है।

तुलसी में मां लक्ष्मी का होता है वास?
ज्योतिषाचार्य बताते हैं कि तुलसी में मां लक्ष्मी का वास होता है। इसी वजह से घर में तुलसी के पौधे की पूजा करने और जल अर्पित करने का विशेष महत्व है। शाम के समय तुलसी के नीचे दीपक जलाना भी बहुत शुभ माना जाता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में तुलसी का पौधा सुख-समृद्धि और खुशहाली लाता है।
विवाह में बाधा दूर करने के लिए उपाय….
ज्योतिषाचार्य के अनुसार, जब कुंडली में गुरु और सूर्य कमजोर हों, तो शादी में देरी या अड़चनें आने लगती हैं। ऐसे में तुलसी विवाह के दिन कुछ खास उपाय करने से विवाह में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं।
तुलसी विवाह के दिन किए जाने वाले उपाय:-
1. दूध में हल्दी डालकर तुलसी माता को अर्पण करें।
2. षोडशोपचार विधि से पूजा और आराधना करें।
3. तुलसी का श्रृंगार और पूजा सामग्री अर्पित करें।
4. संध्या के समय तुलसी के नीचे घी का दीपक जलाएं।
इन उपायों को करने से न केवल विवाह में अड़चनें दूर होती हैं, बल्कि सभी मनोकामनाएं भी पूरी होती हैं।
कौन कर सकता है ये उपाय?
जिन युवक – युवतियों की शादी में कोई विघ्न बाधा आ रही है, या शादी में देरी हो रही है तो इस दिन व्रत रखकर ये उपाय कर सकते हैं। साथ ही साथ पूर्णिमा और षष्ठी तिथि पर भी व्रत और पूजा करने से विवाह में वाली बाधाएं दूर हो जाएंगी।
