कनाडाई PM बोले- भारत-पाक युद्ध रोका, ‘स्पेशल राष्ट्रपति’ हैं ट्रम्प!

ट्रम्प की मजाकिया धमकियां और PM कार्नी की ट्रम्पभक्ति ग्लोबल तूफान!
क्या आपने कभी सोचा है कि अमेरिका और कनाडा एक ही देश बन सकते हैं? अगर नहीं, तो डोनाल्ड ट्रम्प का ताजा बयान आपको चौंका सकता है।
व्हाइट हाउस में कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के साथ मुलाकात में ट्रम्प ने एक ‘जोक’ के रूप में ऐसा कह दिया, लेकिन इस मजाक में जो डिप्लोमैटिक लहरें उठीं, वे कुछ गंभीर इशारे भी देती हैं।
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जैसे-जैसे यह बयान वायरल हुआ, सोशल मीडिया और ग्लोबल मीडिया में हड़कंप मच गया। लेकिन इस मजाक से ज्यादा ध्यान खींचा कार्नी के उस बयान ने, जिसमें उन्होंने ट्रम्प को ‘स्पेशल प्रेसिडेंट’ कहा और उन्हें भारत-पाकिस्तान के बीच युद्ध टालने का क्रेडिट दे डाला।
व्हाइट हाउस की बैठक: जब तारीफों की बारिश हुई
व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में हुई इस प्रेस मीटिंग में ट्रम्प पूरे फॉर्म में थे। उन्होंने कहा:
“कनाडा और अमेरिका मर्ज हो सकते हैं… हाँ, शायद मजाक कर रहा हूँ… या शायद नहीं।”
वहीं कनाडाई पीएम कार्नी ने भी जवाबी ‘डिप्लोमैसी’ में कोई कसर नहीं छोड़ी। उन्होंने कहा:
“आप एक स्पेशल राष्ट्रपति हैं। आपने न सिर्फ अर्थव्यवस्था को मजबूत किया, बल्कि भारत-पाक, गाजा-इजराइल और अजरबैजान-आर्मेनिया जैसे संघर्षों में भी शांति कायम की।”
यह बयान कोई हल्का-फुल्का राजनीतिक संवाद नहीं था — यह ट्रम्प के अंतरराष्ट्रीय प्रभाव को एक बार फिर स्पॉटलाइट में ला रहा था।
भारत-पाकिस्तान का जिक्र: ट्रम्प फिर से क्रेडिट ले उड़े
ट्रम्प ने एक दिन पहले दावा किया था कि:
“अगर मेरे पास टैरिफ की ताकत नहीं होती, तो आज भारत-पाकिस्तान समेत सात देशों में युद्ध चल रहा होता। सात विमानों को मार गिराया गया था, तब मेरी एक बात ने हालात संभाल लिए।”
यह पहली बार नहीं था। मई 2025 से अब तक उन्होंने 50 से ज्यादा बार कहा है कि भारत-पाकिस्तान के बीच शांति उनकी मध्यस्थता का नतीजा है।
हालांकि भारत बार-बार कह चुका है कि कोई तीसरा पक्ष नहीं था, और दोनों देशों के सैन्य अधिकारियों के बीच बातचीत से युद्धविराम हुआ था।
इसके बावजूद, ट्रम्प अपनी कहानी को ‘पॉलिटिकल एसेट’ की तरह भुना रहे हैं।
गाजा, इजराइल और ट्रेड डील्स पर बात
ट्रम्प ने गाजा युद्ध का जिक्र करते हुए कहा कि “कुछ बड़ा हो सकता है”, और अमेरिका-कनाडा के बीच नई ट्रेड डील्स पर भी संकेत दिए।
हालांकि टैरिफ्स को लेकर उन्होंने कोई ठोस वादा नहीं किया, लेकिन दोनों देशों के रिश्तों को “थोड़ी असहमति के बावजूद मजबूत” बताया।
ट्रम्प की ‘जोक पॉलिटिक्स’ या छिपा एजेंडा?
ट्रम्प के बयान अक्सर मजाक और सच्चाई के बीच की पतली रेखा पर चलते हैं। चाहे वह बगराम एयरबेस वापस लेने की धमकी हो, भारत-पाक युद्ध टालने का क्रेडिट, या अब कनाडा-अमेरिका मर्जर का आइडिया — उनका हर बयान एक नई बहस छेड़ देता है।
क्या ट्रम्प 2026 के राष्ट्रपति चुनाव की भूमिका बना रहे हैं? क्या यह बयानबाज़ी सिर्फ लाइमलाइट की रणनीति है? या वाकई ट्रम्प की नजरें अब अमेरिका की सीमाओं से बाहर जाकर ‘भौगोलिक विस्तार’ पर हैं? एक चीज़ तो तय है — ट्रम्प अब भी अमेरिकी और वैश्विक राजनीति में वो तूफान हैं, जिसे नज़रअंदाज़ करना नामुमकिन है।
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