Tortoise at Home Lucky or Unlucky: भारतीय संस्कृति में पशु-पक्षियों और जीव-जंतुओं को केवल प्रकृति का हिस्सा नहीं, बल्कि कई बार धार्मिक प्रतीकों के रूप में भी देखा गया है। घर पर कछुआ रखना शुभ माना जाता है, खासकर वास्तु शास्त्र के अनुसार. कछुआ को सौभाग्य, समृद्धि और दीर्घायु का प्रतीक माना जाता है. इसे घर में रखने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और घर में शांति बनी रहती है। लेकिन सवाल यह उठता है कि घर में कछुआ रखना शुभ है या अशुभ?
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विष्णु का अवतार है कछुआ…
भारतीय हिंदू धर्मग्रंथों के अनुसार, कछुआ भगवान विष्णु का दूसरा अवतार है जिसे ‘कूर्म अवतार’ कहा जाता है। मान्यता है कि जब समुद्र मंथन हुआ था, तब मंदराचल पर्वत को मथनी की तरह उपयोग में लाया गया था और उसे स्थिर रखने के लिए भगवान विष्णु ने कछुए का रूप धारण किया था।

इसका धार्मिक महत्व…
घर में पालतू कछुआ रखना वास्तु के अनुसार शुभ माना जाता है, लेकिन कुछ दिशानिर्देशों का पालन करना आवश्यक है. कछुए को धन, सुख और सौभाग्य को बढ़ावा देने के लिए और नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने के लिए घर में रखना शुभ माना जाता है।
1. कछुआ धैर्य, संतुलन और स्थिरता का प्रतीक माना जाता है।
2. यह शुभता और सुरक्षा का प्रतिनिधित्व करता है।
3. मान्यता है कि कछुए की उपस्थिति से नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है।
विशेष रूप से तांबे, पीतल, लकड़ी या क्रिस्टल का कछुआ।
वास्तुशास्त्र के अनुसार कछुए का महत्व..
वास्तुशास्त्र में कछुए को सकारात्मक ऊर्जा और समृद्धि लाने का प्रतीक माना जाता है। वास्तु विशेषज्ञ मानते हैं कि कछुए को यदि सही दिशा में और सही सामग्री में रखा जाए, तो यह धन, स्वास्थ्य और सुख-शांति को बढ़ावा देता है।

कछुआ रखने के वास्तु नियम…
1. उत्तर दिशा में कछुआ रखना सबसे शुभ माना जाता है क्योंकि यह दिशा कुबेर देव की मानी जाती है।
2. क्रिस्टल का कछुआ उत्तर या उत्तर-पूर्व दिशा में रखना लाभकारी होता है।
3. पीतल या तांबे का कछुआ घर के ड्रॉइंग रूम में पूर्व दिशा में रखना चाहिए।
4. लकड़ी का कछुआ दक्षिण-पूर्व दिशा में रखा जा सकता है।
5. जल में कछुआ रखने पर उसे समय-समय पर साफ पानी में रखना और उसकी सफाई करना जरूरी होता है।
कछुआ रखने के फायदे…
1. घर में धनवृद्धि के योग बनते हैं।
2. बुरे ग्रहों के प्रभाव को दूर करने में मदद मिलती है।
3. मानसिक शांति और ध्यान में वृद्धि होती है।
फेंगशुई में कछुए का महत्व…
चीन की प्राचीन वास्तु प्रणाली है, उसमें भी कछुंए को चार शुभ जानवरों में से एक माना गया है (अन्य तीन हैं: ड्रैगन, फीनिक्स और टाइगर)। फेंगशुई के अनुसार, कछुआ लंबी उम्र, सफलता और करियर ग्रोथ का प्रतीक है।
कहां रखें..
फेंगशुई में कछुआ को पीठ की ओर (पीछे की दिशा) में रखना चाहिए, विशेषकर कुर्सी के पीछे या घर की उत्तर दिशा में, जहां धार्मिक और वास्तु दृष्टि से कछुआ शुभ माना जाता है, वहीं वैज्ञानिक दृष्टिकोण थोड़ा अलग है।
जैविक और व्यवहारिक पहलू…
1. कछुआ एक ठंडे खून वाला प्राणी है जिसे विशेष तापमान और पर्यावरण की जरूरत होती है।
2. अधिकतर भारतीय प्रजातियों के कछुए संरक्षित जीव होते हैं, और उन्हें घरेलू रूप से पालना अवैध है।
3. कई बार लोग विदेशी प्रजातियों जैसे रेड इयर्ड स्लाइडर कछुआ पालते हैं, जो आसानी से मिलता है, लेकिन उसकी देखभाल में विशेष ध्यान देना होता है।
कछुआ रखने के खतरे…
1. सैल्मोनेला नामक बैक्टीरिया कछुए की त्वचा और मल में पाया जा सकता है, जो इंसानों में संक्रमण फैला सकता है, विशेषकर बच्चों में।
2. अवैध रूप से कछुए की खरीद-बिक्री वन्यजीव अधिनियम का उल्लंघन है और इस पर सजा का प्रावधान है।
3. इसलिए वैज्ञानिक रूप से पालतू कछुए की प्रजाति चुनने से पहले उचित जानकारी और अनुमति जरूरी है।
घर में जीवित कछुआ रखना- शुभ या अशुभ?
कई लोगों का मानना है कि जीवित कछुआ घर में रखना सौभाग्यशाली होता है, परंतु इसके लिए कुछ सावधानियां जरूरी हैं…
1. कछुए के लिए स्वच्छ पानी, भोजन और पर्यावरण की व्यवस्था जरूरी है।
2. यदि कछुआ बीमार हो जाए या मरे तो उसे घर में रखना अशुभ माना जाता है।
3. जीवित कछुए को दक्षिण दिशा में नहीं रखना चाहिए क्योंकि इससे नकारात्मक ऊर्जा फैल सकती है।
किन परिस्थितियों में कछुआ रखना अशुभ हो सकता है?
1. यदि कछुए को गलत दिशा में रखा गया हो।
