Terrorist arrest: दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने भोपाल से ISIS से जुड़े एक आतंकी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आतंकी का नाम सैयद अदनान बताया गया है, जो भोपाल के करोंद इलाके में रह रहा था। वहीं, दिल्ली के सादिक नगर से भी एक अन्य आतंकी पकड़ा गया है। दोनों मिलकर दिल्ली के भीड़भाड़ वाले इलाकों में आईईडी ब्लास्ट की योजना बना रहे थे। पुलिस ने दोनों के पास से संदिग्ध सामान भी जब्त किया है। फिलहाल दोनों से पूछताछ जारी है।

गिरफ्तार आतंकी का नाम सैयद अदनान
स्पेशल सेल अधिकारियों के अनुसार, दोनों आरोपियों को फिदायीन हमले की ट्रेनिंग दी जा रही थी और उनका निशाना दिल्ली के प्रमुख इलाके थे। जांच में यह भी पता चला है कि यह गिरोह देशभर में ऐसे स्थानों की तलाश में था, जहां वे जमीन खरीदकर अपनी गतिविधियों का नया ठिकाना बना सकें। हथियार तैयार करने और ब्लास्ट की तैयारी के लिए उनके द्वारा फंड भी जुटाया जा रहा था।
किसी को उन पर संदेह नहीं
भोपाल में गिरफ्तार सैयद अदनान के बारे में पड़ोसी ज्योति अमकरे ने बताया कि वह एक पढ़ाई में अच्छा, शांत और सामान्य लड़का था। उन्होंने कहा, “वह कभी संदेहजनक नहीं लगा। इस बार मेरिट में आया था, 88 प्रतिशत अंक मिले थे और सीए की तैयारी कर रहा था।” अदनान के पिता एक फैक्ट्री में काम करते हैं और मां गृहिणी हैं। परिवार पिछले छह साल से किराए के घर में रह रहा है, और किसी को उन पर संदेह नहीं था।
Terrorist arrest: युवाओं की उम्र 20 से 26 वर्ष के बीच
पुलिस के मुताबिक, यह गिरफ्तारी पिछले महीने ही उजागर किए गए एक बड़े आतंकी मॉड्यूल की कड़ी में हुई है। सितंबर में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने देश के विभिन्न राज्यों से पांच आतंकियों को पकड़ा था। इनमें झारखंड, महाराष्ट्र, तेलंगाना और मध्य प्रदेश से आरोपी शामिल थे। पकड़े गए युवाओं की उम्र 20 से 26 वर्ष के बीच थी।
गजवा लीडर” और “सीईओ” कहता
उनकी पहचान झारखंड के अशर दानिश, मुंबई के आफताब कुरैशी, महाराष्ट्र के सूफियान खान, तेलंगाना के हुजैफ यमन और मध्य प्रदेश के कामरान कुरैशी के रूप में हुई थी। पुलिस जांच में पाया गया कि इन आतंकियों के गिरोह का मास्टरमाइंड अशर दानिश था, जो खुद को “गजवा लीडर” और “सीईओ” कहता था।
एनजीओ का रूप देकर आतंक फैलाने की साजिश
यह नेटवर्क सोशल मीडिया के एन्क्रिप्टेड प्लेटफॉर्म का उपयोग कर युवाओं को आतंक की राह पर ले जाने का काम कर रहा था। आरोपी धार्मिक भावनाओं का दुरुपयोग कर ‘प्रोजेक्ट मुस्तफा’ नाम से युवाओं को जोड़ते जा रहे थे और खुद को एनजीओ का रूप देकर आतंक फैलाने की साजिश चला रहे थे।
देश के कई इलाकों में मिली जानकारी के आधार पर दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं ताकि पूरे मॉड्यूल को खत्म किया जा सके।
