technical glitch millionaire India 2025 :मध्य प्रदेश के धार जिले में एक अनोखी और चौंकाने वाली घटना सामने आई, जिसमें एक आम व्यक्ति कुछ मिनटों के लिए अरबपति बन गया। तकनीकी गलती के चलते उसके डिमैट अकाउंट में 2800 करोड़ रुपये से अधिक की रकम दिखने लगी, लेकिन जल्द ही यह गलती सुधार ली गई।
धामनोद का हैरान करने वाला मामला
धार जिले के धामनोद कस्बे के निवासी विनोद डोंगले, जो पेशे से नोटरी वकील और स्कूल संचालक हैं, जब अपने एनजे डिमैट अकाउंट में लॉगिन हुए, तो उन्होंने देखा कि उनके खाते में 2817 करोड़ रुपये की कुल वैल्यू दिखाई दे रही है। अकाउंट में दर्ज आंकड़ों के अनुसार, उनके पास हर्सिल एग्रो लिमिटेड कंपनी के 1312 शेयर थे, जिनकी प्रति शेयर कीमत करीब 2 करोड़ 14 लाख 74 हजार रुपये दर्शाई जा रही थी ।
टेक्निकल गड़बड़ी
विनोद डोंगले को पहले तो अपनी आंखों पर विश्वास नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि “कुछ पल के लिए ऐसा लगा जैसे किस्मत ने करवट ले ली हो,” लेकिन कुछ ही देर में सच्चाई सामने आ गई। यह सब एक टेक्निकल गड़बड़ी थी जिसके कारण कंपनी के शेयर की गलत वैल्यू शो हो रही थी। कुछ ही मिनटों में शेयरों की कीमतें अपने वास्तविक मूल्य पर लौट आईं ।
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कुछ मिनटों में बने अरबपति
विनोद डोंगले ने मुस्कुराते हुए कहा कि उन्हें ऐसा लगा जैसे दीपावली से पहले मां लक्ष्मी की विशेष कृपा बरसी हो। उन्होंने यह भी सोचा कि अगर यह रकम सच में मिल जाती, तो वे बच्चों के लिए नई शैक्षणिक संस्था खोलते जिससे समाज के लिए कुछ सेवा कर सकें। लेकिन जैसे ही सब सामान्य हुआ, उन्होंने खुद को इस अनुभव से “कुछ मिनटों का अरबपति” बताया ।
इलाके में मचा हड़कंप
यह खबर पूरे धामनोद नगर में तेजी से फैल गई। स्थानीय लोग इस घटना को लेकर हैरान भी हुए और हंसते हुए मज़ाक में बोले – “भले सपने में ही सही, पर एक दिन के लिए अरबपति तो बन ही गए।” सोशल मीडिया पर यह मामला वायरल हो गया, और हर कोई यह जानने में लगा कि आखिर इतनी बड़ी तकनीकी गलती कैसे हुई ।
क्या कहती है तकनीकी सच्चाई
विशेषज्ञों के अनुसार, यह गड़बड़ी शेयर ट्रेडिंग सिस्टम की डेटा सिंक्रोनाइजेशन एरर से हुई। जब किसी कंपनी के स्टॉक प्राइस डेटा अस्थायी रूप से गलत फीड हो जाते हैं तो ऐसी स्थिति बन जाती है। आमतौर पर ऐसे मामलों में न तो निवेशक को वास्तविक नुकसान होता है और न ही लाभ, लेकिन इससे सिस्टम की विश्वसनीयता पर सवाल उठते हैं ।
धार के विनोद डोंगले का “कुछ मिनटों का अरबपति” बनना एक उदाहरण है कि डिजिटल युग में तकनीकी चूकें कभी-कभी कितनी बड़ी गलतफहमियां पैदा कर सकती हैं। हालांकि यह धन सिर्फ कुछ समय के लिए स्क्रीन पर दिखा, किंतु इस घटना ने लोगों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया कि एक क्लिक में किस तरह आधुनिक सिस्टम हमारी भावनाओं को झकझोर सकता है ।
