Swami Avimukteshwaranand Anshan News: इन दिनों प्रयागराज में माघ मेला चल रहा है। मौनी अमावस्या के अवसर पर दूर – दूर से भक्त स्नान करने पहुंच रहें है। ऐसे में पुलिस कार्रवाई को लेकर नाराज ज्योतिषपीठ शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का अनशन आज भी जारी है। बीते दिन मौनी अमावस्या पर संगम स्नान के लिए निकले शंकराचार्य के रथ को पुलिस ने भीड़ और सुरक्षा कारणों से रोका था। इससे नाराज होकर वे बिना स्नान किए लौट गए और अन्न-जल त्याग कर धरने पर बैठ गए। अनशन पर बैठने के बाद से अभी तक वे अपने आसन से हिले नहीं है। आज दोपहर उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई थी, उसमें बात चीत के दौरान कहा – ‘जब तक प्रशासन उनसे माफी मांगता तब तक वो अपने आश्रम में प्रवेश नहीं करेंगे।
Swami Avimukteshwaranand Anshan News: अन्न-जल त्याग अनशन
मीडिया से बातचीत के दौरान एक योगीराज ने बताया कि- ‘शंकराचार्य ने कल से कुछ भी नहीं खाया है। कोई प्रशासनिक अधिकारी उनसे मिलने भी नहीं आया। सुबह अपनी पूजा और दंड तर्पण उसी स्थान पर किया।’

Swami Avimukteshwaranand Anshan News: प्रेस कॉन्फ्रेंस में शंकराचार्य ने क्या कहा?
ज्योतिषपीठ शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि- ‘जब तक पुलिस प्रशासन सम्मान और प्रोटोकॉल के साथ नहीं ले जाएगा, तब तक गंगा स्नान नहीं करूंगा। प्रण लेता हूं, मैं हर मेले के लिए प्रयागराज आऊंगा, लेकिन कभी भी शिविर में नहीं रहूंगा। फुटपाथ पर अपनी व्यवस्था करूंगा।’
ज्योतिषपीठ शंकराचार्य ने मौनी अमावस्या के दिन हुए विवाद पर कहा कि- ‘अधिकतर लोग समझ नहीं पा रहे कि यह आखिर ऐसा क्यों हुआ? किसी संत किसी साधु की सरकार के अधीन मेला प्रशासन कैसे बाल बटुकों और संतों के साथ ऐसा दुर्व्यवहार कर सकता है।’
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शंकराचार्य ने कहा कि-
“पहला आरोप है कि बैरिकेड तोड़ा गया तो सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक किया जाना चाहिए. हम अपने शिविर से स्थानीय पुलिस प्रशासन के साथ स्नान के लिए निकले थे, पुलिस ने कहा था कि हमें आपको स्नान कराने के लिए लगाया गया है। आश्रम से लेकर संगम तट तक वो हमारे साथ गए है, जहां बैरिकेड लगी पुलिस से उन्होंने ही वार्ता कर बैरिकेड खुलवाई थी। अगर हमारे लोग कोई उद्दंडता कर रहे थे तो किसी ने आकर क्यों नहीं बताया, हमने सदा नियम का पालन किया है, आगे भी करेंगे।”

उन्होंने कहा कि-
अब क्या किसी साधु संत सनातनी को परमिशन लेकर गंगा में स्नान करना होगा। इसमें परमिशन की कोई बात नहीं है क्या कोई बच्चा अपनी मां गंगा से मिलने के लिए परमिशन लेता है। यहां लोग अपने पाप का उपार्जन करने पुण्य लाभ लेने आते है। लेकिन शंकराचार्य को ऐसा मंतव्य नहीं होता है। हमारी डुबकी को देखकर लाखों करोड़ों लोग यहां आते है। हम अपने मूवमेंट की सूचना देते है ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था नहीं हो। हमारे शिविर से जो सूचना दी जानी थी वो दी गई थी, 3 दिन पहले पूरा कार्यक्रम लिखकर दिया जा रहा है।
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प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री तय नहीं करेगा की हम शंकराचार्य हैं या नहीं
शंकराचार्य ने कहा कि- ‘हम शंकराचार्य हैं या नहीं यह देश का प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति या मुख्यमंत्री तय नहीं करेगा। मुझे दो शंकराचार्यों द्वारका पीठ और श्रृंगेरी मठ की स्वीकृति मिली है और तीसरे गोवर्धन पीठ पुरी के शंकराचार्य की मौन स्वीकृति है। उन्होंने कहा कि हमने भूल सुधार का पूरा मौका दिया कि प्रशासन आए तो हम स्नान कर लें लेकिन प्रशासन से कोई नहीं आया। प्रशासन आकर हमें मौनी अमावस्या पर स्नान करवाता तो कुछ नहीं होता हम ये टेक नहीं रखते।’
प्रदेश की राजनीति गरमाई
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के काफिले के साथ पुलिस के टकराव के बाद प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस मामले शंकराचार्य को पुलिस द्वारा संगम में स्नान करने से कथित तौर पर रोकने और उनके कुछ समर्थकों की पिटाई की घटना की निंदा करते हुए पूरे मामले की जांच की मांग की है। वहीं अब कांग्रेस भी योगी सरकार पर हमलावर हो गई।
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद जी के साथ जो दुर्व्यवहार किया गया है, उससे हम सभी दुखी हैं।
इस घटना के बाद से शंकराचार्य जी अनशन पर बैठे हैं, लेकिन सरकार में किसी को फर्क नहीं पड़ रहा है। कोई और सरकार होती तो शर्मसार हो चुकी होती।
मोदी सरकार ने शंकराचार्य स्वामी… pic.twitter.com/GBam6x0ZLT
— Congress (@INCIndia) January 19, 2026
खेड़ा का सरकार पर निशाना
कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि PM नरेंद्र मोदी 12 साल से सत्ता में हैं और जिनकी मेहरबानी से ये सत्ता में बैठे हैं, उनके साथ ही ऐसा सलूक किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सत्ता में आने से पहले मोदी ने कहा था ‘मैं हिंदुओं का मसीहा’।
कैसे शुरु हुआ विवाद?
पुलिस और शंकराचार्य के बीच जमकर हुई बहस
पुलिस अफसरों ने स्वामी जी को समझाने की बहुत कोशिश की हाथ जोड़े लेकिन वो नहीं माने इसके बाद पुलिस ने शंकराचार्य के शिष्यों को हिरासत में ले लिया और उनकी पालकी खींचते हुए संगम से 1 किमी दूर ले गए। इसी बीच उनके पालकी का क्षत्रप भी टूट गया। स्वामी जी स्नान नहीं कर पाएं।


शंकराचार्य का पुलिस वालो पर फूटा गुस्सा
उन्होंने कहा कि- ‘बड़े-बड़े अधिकारी हमारे संतों को मार रहे थे। पहले तो हम लौट रहे थे, लेकिन अब स्नान करेंगे और कहीं नहीं जाएंगे। वे हमें रोक नहीं पाएंगे। इनको ऊपर से आदेश होगा कि इन्हें परेशान करो। यह सरकार के इशारे पर हो रहा है, क्योंकि वे हमसे नाराज हैं। जब महाकुंभ में भगदड़ मची थी, तो मैंने उन्हें जिम्मेदार ठहराया था। अब वे बदला निकालने के लिए अधिकारियों से कह रहे होंगे।’

