आरएसएस प्रांत संघचालक अशोक पांडेय ने कहा- स्वदेशी अर्थ का नहीं, स्वाभिमान का आंदोलन
swadeshi mela bhopal: “स्वदेशी अर्थ का नहीं, स्वाभिमान का आंदोलन है।” यह कहना है राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मध्यभारत प्रांत के प्रांत संघचालक अशोक पांडेय का। वे स्वदेशी जागरण मंच द्वारा आयोजित 11 दिवसीय स्वदेशी मेले के शुभारंभ समारोह को संबोधित कर रहे थे।
swadeshi mela bhopal: ‘स्व’ को समझने वाले देश ही करते हैं प्रगति
अपने उद्बोधन में पांडेय ने इज़राइल और जापान का उदाहरण देते हुए कहा कि जिन समाजों और देशों ने अपने ‘स्व’ को समझा है, वही तरक्की कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्वदेशी के बजाय विदेशी वस्तुओं पर निर्भरता न केवल हमारा धन विदेशों में भेजती है, बल्कि यह हमारी मानसिक विपन्नता को भी दर्शाती है।
स्वदेशी वस्तुएं महंगी सही, पर सशक्त बनाती हैं देश को
अशोक पांडेय ने कहा कि स्वदेशी वस्तुएं विदेशी वस्तुओं की तुलना में महंगी हो सकती हैं, लेकिन उनमें निहित ‘स्व’ का भाव हमारी सामाजिक और आर्थिक सक्षमता के द्वार खोल देता है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र भारत से पहले स्वदेशी आंदोलन ने देशवासियों को एकजुट किया था और आज भी अमेरिकी व यूरोपीय बाजारवाद के खिलाफ इसकी आवश्यकता बनी हुई है।
150 से अधिक स्टॉलों से सजा स्वदेशी बाजार
स्थानीय व्यापारियों द्वारा लगाए गए करीब 150 से अधिक स्टॉलों से यह स्वदेशी मेला सजा है। 16 नवंबर तक चलने वाले इस मेले में रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ी वस्तुएं, कपड़े, किताबें, सजावट सामग्री, फूड जोन और मनोरंजन के लिए बड़े झूले लगाए गए हैं। तीन विशाल पंडालों में सजे स्टॉल लोगों के लिए मुख्य आकर्षण बने हुए हैं।
वैदिक रीति से हुआ मेले का शुभारंभ
मेले का शुभारंभ वैदिक रीति से किया गया। पंडित दीनदयाल उपाध्याय और दत्तोपंत ठेगड़ी के छायाचित्रों के समक्ष अतिथियों ने दीप प्रज्वलित किया। स्वस्तिवाचन के दौरान पंडितों ने शंखनाद किया। इसके बाद खुशाली विश्वकर्मा ने गणेश वंदना प्रस्तुत की, जिससे समारोह का शुभारंभ आध्यात्मिक और सांस्कृतिक वातावरण में हुआ।
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