Chhattisgarh Naxal Operation: छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित सुकमा जिले से सुरक्षाबलों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। नक्सल विरोधी अभियान के दौरान सुरक्षा बलों ने माओवादियों की एक बड़ी साजिश को समय रहते नाकाम कर दिया। जंगल और पहाड़ी इलाके में छिपाकर रखे गए हथियार, आईईडी और विस्फोटक सामग्री बरामद की गई है। यह कार्रवाई मेटागुड़ा क्षेत्र में चलाए जा रहे संयुक्त ऑपरेशन के तहत की गई।
Chhattisgarh Naxal Operation: संयुक्त अभियान में मिली बड़ी सफलता
जानकारी के मुताबिक, कोबरा बटालियन, 131 बटालियन सीआरपीएफ और जिला बल सुकमा की संयुक्त टीम नक्सल विरोधी अभियान पर निकली थी। यह टीम ग्राम पीनाचांदा, बोटेतोंग और आसपास के दुर्गम जंगल-पहाड़ी इलाकों में सर्च ऑपरेशन कर रही थी।इसी दौरान ग्राम बोटेतोंग के जंगलों में नक्सलियों द्वारा छिपाकर रखी गई डंप सामग्री सुरक्षाबलों को मिली।
Chhattisgarh Naxal Operation: सुरक्षाबलों को नुकसान पहुंचाने की थी साजिश
प्राथमिक जांच में सामने आया है कि यह सामग्री सुरक्षाबलों को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से जंगल में छिपाई गई थी। इसमें हथियारों के साथ-साथ आईईडी और अन्य विस्फोटक सामान शामिल था, जिसका इस्तेमाल किसी बड़ी वारदात में किया जा सकता था।हालांकि, जवानों की सतर्कता और समय पर की गई कार्रवाई से माओवादियों के मंसूबों पर पानी फिर गया।
लगातार दबाव में नक्सली संगठन
सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि जिले में लगातार चल रहे एंटी नक्सल ऑपरेशन का असर साफ दिख रहा है। बीते कुछ समय से नक्सल संगठन को लगातार नुकसान उठाना पड़ रहा है—चाहे वह हथियारों की बरामदगी हो या उनके ठिकानों का भंडाफोड़।अधिकारियों के अनुसार, आने वाले दिनों में भी सुकमा और आसपास के इलाकों में अभियान और तेज किया जाएगा, ताकि नक्सली गतिविधियों पर पूरी तरह लगाम लगाई जा सके।
जवानों की सतर्कता से टली बड़ी घटना
जिस इलाके से विस्फोटक और आईईडी बरामद हुए हैं, वह सुरक्षाबलों की आवाजाही वाला क्षेत्र माना जाता है। ऐसे में यह कार्रवाई कई जानें बचाने वाली साबित हो सकती है।सुकमा में सुरक्षाबलों की यह कामयाबी न सिर्फ सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करती है, बल्कि नक्सलियों के मनोबल पर भी सीधा असर डालती है।
