State President Hemant Khandelwal: मध्य प्रदेश भाजपा में इन दिनों कार्यकारिणी गठन का इंतज़ार कुछ लंबा ही खिंचता जा रहा है। प्रदेश अध्यक्ष का पदभार संभाले करीब छह महीने हो चुके हैं, लेकिन पूरी टीम अब तक मैदान में नहीं उतर पाई है। पार्टी की मुख्य कार्यकारिणी तो बन गई, पर सात मोर्चों और करीब 30 प्रकोष्ठों की सूची जैसे अभी भी रास्ता तलाश रही हो।

तालमेल बैठाने में असफल दिखाई दे रहे अध्यक्ष
सूत्रों की मानें तो मामला सिर्फ नाम तय करने भर का नहीं, बल्कि अंदरूनी तालमेल बिठाने का है. और यही तालमेल शायद सबसे मुश्किल काम साबित हो रहा है। कई जिलों में तो जिला स्तर की कार्यकारिणी भी अब तक अधूरी है, जिससे कार्यकर्ता इंतज़ार की मुद्रा में ही दिखाई दे रहे हैं।
दिल्ली प्रवास से चढ़ा रंग
State President Hemant Khandelwal: बताया जाता है कि प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने राष्ट्रीय नेताओं से मुलाकात भी की, मगर तस्वीर अब तक साफ नहीं हो सकी। चर्चा को थोड़ा और रंग तब मिला जब उनकी गैरमौजूदगी में राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष का भोपाल दौरा हो गया और सवालों के बाजार में हलचल बढ़ गई।
हालांकि पार्टी के अंदर सब ठीक है या नहीं, इसका जवाब तो नेतृत्व ही देगा, लेकिन फिलहाल हालात ऐसे हैं कि कुर्सियां तैयार हैं और जिम्मेदारियां बांटे जाने का इंतज़ार जारी है। अब देखना यह है कि यह इंतज़ार कब खत्म होता है और कार्यकर्ताओं के हाथों में नई जिम्मेदारियों की सूची कब पहुंचती है।
संगठन की सफाई
इस भाजपा प्रवक्ता अजय यादव कहते हैं कि भाजपा में पद केवल सेवा का माध्यम होता है और जहां जो कार्यकर्ता जिस उपयोग के लिए होता है, वहां उसको उपयोग में लाया जाता है जल्द ही कार्यकारिणी घोषित की जाएगी, ।
