उत्तराखंड के सभी जिलों में देर रात से भारी बारिश हो रही है। चमोली, टिहरी, उत्तरकाशी और रुद्रप्रयाग में लैंडस्लाइड हुई। कंचननाला में बद्रीनाथ हाईवे, कुंड-काकड़ा के बीच केदारनाथ हाईवे और सोनप्रयाग-गौरीकुंड मार्ग मलबा आने से बंद हो गया। देहरादून-मसूरी मार्ग पर भंडार गांव के पास नाले उफान पर हैं।
100 से ज्यादा घरों में घुसा पानी
देहरादून में नंदा की चौकी स्थित नए पुल के एप्रोच मार्ग में बड़ा गड्ढा बनने से विकासनगर-पांवटा मार्ग प्रभावित रहा, जिसे CM पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर 1 घंटे के अंदर बहाल कराया गया। वहीं नाथूवाला इलाके में 100 से ज्यादा घरों में बारिश का पानी घुस गया। गढवाल मंडल आयुक्त ने बताया कि यात्रा मार्गों पर भूस्खलन और बारिश के अलर्ट को देखते हुए यात्रियों की सुरक्षा के लिए आज और कल (2 दिनों) के लिए चारधाम यात्रा स्थगित कर दी गई है। CM पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि मौसम सामान्य होने और यात्रा मार्ग सुरक्षित घोषित होने के बाद ही श्रद्धालुओं को आगे जाने की अनुमति दी जाएगी।
अलकनंदा-मंदाकिनी ऊफान पर
रुद्रप्रयाग में अलकनंदा और मंदाकिनी नदियां चेतावनी स्तर के उपर पहुंच गई हैं। प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी कर तटीय इलाकों में लाउडस्पीकर से मुनादी कराकर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के निर्देश दिए। उधर नैनीताल के फतेहपुर में भाखड़ा नाले के तेज बहाव में बहे 2 लोगों ने तैरकर जान बचाई।

सड़कें भूस्खलन के कारण बंद
उत्तरकाशी में लगातार बारिश से कई जगह नुकसान हुआ है। यमुनोत्री धाम का पैदल मार्ग एक जगह पर धंस गया है, जबकि जिले की कई सड़कें मलबा और भूस्खलन के कारण बंद हो गई हैं। प्रशासन प्रभावित मार्गों को खोलने में जुटा हुआ है। मंगलवार रात मसूरी-देहरादून मार्ग पर पानी वाले बैंड के पास पहाड़ी से भारी मलबा और बड़े बोल्डर गिरने से सड़क किनारे बना रेस्टोरेंट मलबे में दब गया। बुधवार को JCB की मदद से मलबा हटाने और रास्ता साफ करने का काम जारी है।