छात्र ने एडमिशन न मिलने पर IIT कानपुर की वेबसाइट हैक की:बोला- मुझे सिर्फ एक मौका चाहिए, अब इंटर्नशिप का ऑफर
कानपुर में एक अजीबो गरीब मामला सामने आया यहाँ एक छात्र ने बी. साइबर सिक्योरिटी कोर्स में एडमिशन न मिलने पर मंगलवार को आईआईटी की वेबसाइट हैक कर ली। उसने वेबसाइट पर एक मैसेज छोड़ा। लिखा- मुझे बस एक मौका चाहिए। इसके बाद छात्र ने एक्स और रेडिट पर हैकिंग के स्क्रीनशॉट शेयर कर जिम्मेदारी ली थी।मामला सामने आने के बाद आईआईटी कानपुर प्रशासन ने पहले एफआईआर दर्ज करने पर विचार किया, लेकिन छात्र के फ्यूचर को देखते हुए अपना फैसला बदल दिया। आईआईटी के निदेशक ने बताया कि संस्थान अब छात्र को अपने साइबर सुरक्षा केंद्र सी3आईहब में इंटर्नशिप देने पर विचार कर रहा है।

संस्थान ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी भी सिस्टम में अवैध तरीके से इंटर करना साइबर सुरक्षा कौशल दिखाने का सही तरीका नहीं है। फिलहाल अभी छात्र के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल सकी है।
वेबसाइट पर मैसेज भी किया

छात्र ने मैसेज में लिखा- मेरा मकसद किसी को नुकसान पहुंचाना नहीं है। मैंने यह सिर्फ इसलिए किया, ताकि अधिकारियों का ध्यान साइबर सुरक्षा से जुड़े इस मुद्दे की तरफ जाए। आम लोग अभी भी नीचे दिए गए बटन से वेबसाइट का इस्तेमाल कर सकते हैं।अगर आप प्रशासन या साइबर सुरक्षा से जुड़े हैं, तो मेरी बात को एक बार समझने की कोशिश करें। मैं एक हैकर के तौर पर अपनी स्थिति बताना चाहता हूं और यह भी बताना चाहता हूं कि मुझे यह कदम उठाने की जरूरत क्यों महसूस हुई। मेरी अंग्रेजी में कोई गलती हो तो माफ कीजिएगा।मुझे बस एक सही मौका चाहिए। मैं वेबसाइट को नुकसान पहुंचाने की क्षमता रखता हूं, लेकिन मुझे बी-साइबर प्रोग्राम के लिए चुने जाने लायक नहीं समझा गया। मुझे हैकाथॉन में भी अपनी क्षमता दिखाने का मौका नहीं मिला।
मैंने अपनी तरफ से पूरी प्रक्रिया सही तरीके से पूरी की थी। मैंने आवेदन किया, फीस जमा की और सभी जरूरी दस्तावेज भी अपलोड किए। मैंने साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में पहले किए गए अपने काम और अनुभव के सबूत भी दिए।
मेरा मकसद सिर्फ इतना है कि मेरी काबिलियत को एक मौका मिले। मैं चाहता हूं कि मेरी क्षमता को परखा जाए और मुझे खुद को साबित करने का अवसर दिया जाए।पहले एफआईआर की बात हुई, अब इंटर्नशिप का ऑफर
आईआईटी कानपुर के निदेशक

प्रो. मणींद्र अग्रवाल ने बताया कि बी. साइबर सिक्योरिटी कोर्स में दाखिले के समय सभी छात्रों को हैकाथॉन के जरिए अपनी क्षमता दिखाने का मौका दिया गया था। उस समय यह छात्र खुद को साबित नहीं कर पाया था।अब उसके दावे की जांच के लिए उसे संस्थान बुलाकर टेस्ट लिया जाएगा। शुरुआत में छात्र के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का सुझाव दिया गया था। लेकिन बाद में संस्थान ने पहले उसकी असली क्षमता जांचने का फैसला किया।
प्रवेश प्रक्रिया बंद हो चुकी है, इसलिए छात्र को C3iHub में इंटर्नशिप के लिए विचार किया ज रहा है। वह अगले साल दाखिले का प्रयास कर सकता है। उन्होंने कहा कि अन्य विशेषज्ञ C3iHub में इंटर्नशिप या नौकरी के लिए अपना सीवी साझा कर सकते हैं।
पहले भी ऐसे युवाओं को मिला मौका
आईआईटी कानपुर पहले भी साइबर सिक्योरिटी में अच्छा काम करने वाले युवाओं को मौका देता रहा है। हाल ही में सीबीएसई के ऑनलाइन पोर्टल की सुरक्षा में कमी बताने वाले एक युवक को संस्थान के सी3आईहब में नौकरी दी गई थी।