पंजाब के फरीदकोट स्थित श्री गुरु गोबिंद सिंह मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में मानवता को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक लावारिस शव को अस्पताल की मोर्चरी में रखने के बजाय श्मशान घाट के बाहर फुटपाथ पर छोड़ने के आरोप में पुलिस ने एक डॉक्टर समेत तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
13-14 जुलाई की रात उसकी मौत
जानकारी के मुताबिक, करीब 35 वर्षीय एक अज्ञात व्यक्ति को 9 जुलाई को 108 एंबुलेंस के जरिए सिविल अस्पताल फिरोजपुर से रेफर कर श्री गुरु गोबिंद सिंह मेडिकल कॉलेज के सर्जरी-1 विभाग में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान 13-14 जुलाई की रात उसकी मौत हो गई।
श्मशान घाट के बाहर फुटपाथ पर छोड़ दिया
आरोप है कि मौत के बाद ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर ने अस्पताल की तय प्रक्रिया का पालन नहीं किया। शव को मोर्चरी में रखने और अधिकारियों को सूचना देने के बजाय डॉक्टर ने एक हेल्पर और डी-फार्मेसी के छात्र की मदद से शव को व्हीलचेयर पर रखा और अस्पताल परिसर से बाहर ले जाकर श्मशान घाट के बाहर फुटपाथ पर छोड़ दिया।
घटना की जानकारी तब सामने आई जब श्मशान घाट के गार्ड ने बाहर पड़े शव को देखा और इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर दोबारा मेडिकल कॉलेज की मोर्चरी में रखवाया।
डी-फार्मेसी छात्र के खिलाफ केस दर्ज
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने अस्पताल के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, जिसमें कथित तौर पर डॉक्टर और अन्य दो लोग शव को व्हीलचेयर पर अस्पताल से बाहर ले जाते हुए दिखाई दिए। इसके बाद थाना सिटी-2 पुलिस ने डॉक्टर, हेल्पर और डी-फार्मेसी छात्र के खिलाफ केस दर्ज कर लिया।
गंभीर सवाल खड़े कर दिए
पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। मृतक की पहचान नहीं हो सकी थी। रविवार को कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद एक समाजसेवी संस्था की मदद से शव का पूरे सम्मान के साथ अंतिम संस्कार कराया गया। इस घटना ने अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।