रायसेन में पहली बारिश बनी मुसीबत, घरों में घुसा पानी तो रहवासियों ने किया चक्का जाम

मध्य प्रदेश में जलभराव की समस्या

रायसेन में पहली बारिश बनी मुसीबत, घरों में घुसा पानी तो रहवासियों ने किया चक्का जाम

मध्य प्रदेश में मानसून आने के बाद कई शहरों में जलभराव की समस्या उजागर हुई है, जिससे रहवासी परेशान हैं और प्रशासन से स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं।

रायसेन में पहली बारिश बनी मुसीबत घरों में घुसा पानी तो रहवासियों ने किया चक्का जाम

मध्य प्रदेश में मानसून की दस्तक के साथ ही कई शहरों में जलभराव और ड्रेनेज व्यवस्था की पोल खुलने लगी है। रायसेन शहर में पहली तेज बारिश ने नगर पालिका और प्रशासन की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। रविवार को करीब दो घंटे हुई बारिश के बाद सांची विधायक डॉ. प्रभुराम चौधरी के कार्यालय के पास स्थित राधा प्रेस वाली पुलिया से पानी ओवरफ्लो हो गया, जिससे आसपास के कई घरों में पानी घुस गया। इससे नाराज रहवासियों ने सोमवार रात भोपाल-सागर रोड पर चक्का जाम कर अपना विरोध दर्ज कराया।

समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया

प्रदर्शन के दौरान लोगों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ नारेबाजी की और वर्षों से लंबित पुलिया निर्माण कार्य को जल्द शुरू करने की मांग उठाई। रहवासियों का कहना है कि हर वर्ष बारिश के मौसम में उनके घरों में पानी भर जाता है, जिससे आर्थिक नुकसान के साथ-साथ दैनिक जीवन भी प्रभावित होता है। इसके बावजूद अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया है।

जिस क्षेत्र में जलभराव हुआ

स्थानीय लोगों ने बताया कि जिस क्षेत्र में जलभराव हुआ, वह सांची विधायक डॉ. प्रभुराम चौधरी के कार्यालय और उनके वार्ड के बेहद करीब स्थित है। ऐसे में लोगों का कहना है कि यदि जनप्रतिनिधि के कार्यालय के आसपास ही ऐसी स्थिति है, तो शहर के अन्य हिस्सों की हालत का सहज अंदाजा लगाया जा सकता है।

लोगों ने प्रदर्शन समाप्त किया

चक्का जाम के कारण भोपाल-सागर रोड पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सूचना मिलने पर लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन यंत्री बी.के. सूत्रकार मौके पर पहुंचे। आक्रोशित लोगों ने उनका घेराव कर तत्काल पुलिया निर्माण की मांग की। अधिकारियों द्वारा जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने के बाद लोगों ने प्रदर्शन समाप्त किया।

हर साल जलभराव की समस्या

रहवासियों का कहना है कि महामाया चौक सहित शहर के कई निचले इलाकों में हर साल जलभराव की समस्या बनी रहती है। व्यापारियों को दुकानें बंद करनी पड़ती हैं और आम लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। लोगों ने प्रशासन से स्थायी समाधान की मांग की है ताकि हर बारिश में उन्हें इस परेशानी से न गुजरना पड़े।
 

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