भोपाल। मध्य प्रदेश में खाद की बिक्री को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। कृषि विभाग के सचिव निशांत वरवड़े ने प्रदेश के सभी कलेक्टरों को पत्र लिखकर खाद के स्टॉक का मिलान करने के निर्देश दिए हैं। स्टॉक के सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने तक खाद की बिक्री पर रोक लगाए जाने की बात सामने आई है। विभाग की ओर से यह कदम खाद के उपलब्ध स्टॉक और रिकॉर्ड में दर्ज मात्रा के बीच मिलान सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। अधिकारियों को जिले में मौजूद खाद के स्टॉक का भौतिक सत्यापन करने और रिकॉर्ड से उसका मिलान करने के निर्देश दिए गए हैं।
82 लाख किसानों पर असर की चिंता
प्रदेश में बड़ी संख्या में किसान खरीफ सीजन की फसल के लिए खाद पर निर्भर हैं। ऐसे में बिक्री पर रोक की खबर से किसानों की चिंता बढ़ गई है। खासतौर पर उन किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है, जिन्हें तत्काल खाद की जरूरत है। किसानों की नजर अब इस बात पर है कि स्टॉक मिलान की प्रक्रिया कितने समय में पूरी होती है और खाद की बिक्री दोबारा कब शुरू की जाती है।
क्यों लिया गया फैसला?
कृषि विभाग का मुख्य उद्देश्य खाद के स्टॉक की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करना और रिकॉर्ड में दर्ज मात्रा का मौके पर उपलब्ध खाद से मिलान करना है। इसके बाद स्थिति के आधार पर आगे खाद वितरण को लेकर निर्णय लिया जाएगा। फिलहाल प्रदेशभर के कलेक्टरों और संबंधित अधिकारियों को स्टॉक सत्यापन की प्रक्रिया पर तेजी से काम करने के निर्देश दिए गए हैं। खाद की बिक्री पर रोक के बीच किसानों को अब विभाग के अगले आदेश का इंतजार है।