मध्य प्रदेश विधानसभा परिसर में पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय गोविंद नारायण सिंह की जयंती पर पुष्पांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव विधानसभा पहुंचे और उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर व गोविंद नारायण सिंह के परिवार जन भी इस अवसर पर मौजूद रहे। दोनों नेताओं ने स्वर्गीय गोविंद नारायण सिंह के प्रदेश के विकास और सार्वजनिक जीवन में दिए गए योगदान को स्मरण करते हुए उन्हें नमन किया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों और विधानसभा के अधिकारियों-कर्मचारियों ने भी पुष्पांजलि अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी।

फास्ट ट्रैक कोर्ट की घोषणा
मध्य प्रदेश के चारों महानगर भोपाल इंदौर ग्वालियर और जबलपुर में फास्ट ट्रैक कोर्ट की मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने घोषणा कर दी है उन्होंने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवाहन के बाद हमने तत्काल यह फैसला लिया है। जिसमें शिक्षा नीति से लगाकर और भी जो काम है वह फास्ट्रेक कोर्ट में उनके मामले चलाए जाएंगे । उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जो भी फैसला लेते हैं उसमें मध्य प्रदेश लगभग सबसे पहला राज्य बनता है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फास्ट ट्रैक कोर्ट की जैसे ही घोषणा की तत्काल मध्य प्रदेश सरकार ने फास्ट्रेक कोर्ट बनाने की और नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया है और वह भोपाल ग्वालियर जबलपुर इंदौर इन चारों शहरों में फास्ट्रेक कोर्ट चलाए जाएंगे । उन्होंने कहा मध्य प्रदेश में जब कांग्रेस की सरकार रही हैं तब जितने मेडिकल कॉलेज खुले गए थे उनसे कहीं अधिक ज्यादा बीजेपी सरकार में मेडिकल कॉलेज खोले गए हैं जिससे छात्रों के लिए पढ़ाई में काफी सुविधा मिल रही है। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा हम किसी पर एहसान नहीं कर रहे हैं यह हमारी ड्यूटी है और हम वही काम कर रहे हैं।
अतिथि शिक्षकों की री जॉइनिंग में बड़ी छूट
शिक्षा से जुड़े मसलों को संवेदनशील तरीके से लेते हैं मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा अतिथि शिक्षकों की री जॉइनिंग में बड़ी छूट दी जाएगी। स्कूल शिक्षा विभाग के लगभग 75,000 अतिथि शिक्षकों के लिए राहत की ख़बर है। मध्य प्रदेश शासन ने री-जॉइनिंग नियमों में बड़ी छूट देते हुए अतिथि शिक्षकों को बड़ी राहत दी है, जिससे 90% ई-अटेंडेंस की अनिवार्यता और हटाए जाने वाले पुराने आदेश से राहत मिली है। वास्तविक कारणों से उपस्थिति पूरी न कर पाने वाले शिक्षकों को री-जॉइनिंग में बड़ी राहत दी गई है। दरअसल 20 फरवरी 2026 को जारी वह आदेश निरस्त कर दिया गया है, जिसके तहत 7 दिन अनुपस्थित रहने पर पोर्टल से नाम हटाया जाना था।