“सर तन से जुदा” पोस्ट वायरल
शैलेश सिंह, जो शारिक मछली का बहुत करीबी माना जाता है, पर पहले भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस रिकॉर्ड्स के अनुसार, वह गैंग की गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाता रहा है। वायरल पोस्ट में अभिषेक जैन को बीच चौराहे पर गला काटने की खुली धमकी दी गई थी। इसके अलावा, पोस्ट में भाजपा नेताओं और प्रदेश सरकार के एक मंत्री के खिलाफ भी विवादित और भड़काऊ टिप्पणियां की गईं। यह पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से फैली, जिससे कानून-व्यवस्था पर सवाल उठने लगे। शैलेश सिंह ने धमकी देने के कुछ देर बाद पोस्ट को डिलीट कर दिया, लेकिन तब तक स्क्रीनशॉट्स और शेयरिंग के जरिए यह वायरल हो चुकी थी।

अभिषेक जैन: लगातार धमकियों का शिकार
पीड़ित अभिषेक जैन लंबे समय से शारिक मछली गैंग के काले कारनामों का विरोध कर रहे हैं। वह गैंग के ड्रग सप्लाई, अवैध निर्माण और अन्य अपराधों के खिलाफ आवाज उठाते रहे हैं। इसकी वजह से वह लगातार धमकियों का शिकार हो रहे हैं। वायरल पोस्ट में स्पष्ट रूप से उनके नाम का जिक्र करते हुए हिंसक धमकी दी गई। अभिषेक जैन ने पहले भी थाने में आवेदन देकर अपनी सुरक्षा की चिंता जताई थी। उन्होंने पुलिस से ठोस कार्रवाई की मांग की, लेकिन अब तक अपराधियों के खिलाफ कोई सख्त कदम नहीं उठाया गया। अभिषेक का कहना है कि गैंग के सदस्य उन्हें चुप कराने के लिए ऐसी धमकियां दे रहे हैं, लेकिन वह डरने वाले नहीं।

sharik machhli gang viral post: शारिक मछली गैंग
शारिक मछली गैंग भोपाल में एक कुख्यात संगठन है, जो विभिन्न अपराधों में लिप्त है। हाल के दिनों में पुलिस ने गैंग के खिलाफ कई कार्रवाइयां की हैं। जुलाई 2025 में शारिक मछली का एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें उन्होंने खुद को निर्दोष बताते हुए बीजेपी पर फंसाने का आरोप लगाया। पुलिस ने गैंग के मास्टरमाइंड यासीन मछली को गिरफ्तार किया और उनके पास से एमडी ड्रग्स, हथियार और डिजिटल सबूत बरामद किए। अगस्त 2025 में एक अन्य पीड़ित राजेश तिवारी ने शारिक पर अपहरण, मारपीट और जबरन ड्रग्स खिलाने का आरोप लगाया। पुलिस ने गैंग से जुड़ी अवैध हथियार फैक्ट्री पकड़ी। इसके बावजूद, गैंग की धमकियां जारी हैं, जो सोशल मीडिया के जरिए फैलाई जा रही हैं।

हिंसा भड़काने वाले पोस्ट्स का खतरा
sharik machhli gang viral post: सोशल मीडिया ने अपराधियों के लिए एक नया हथियार प्रदान कर दिया है। इस मामले में वायरल पोस्ट ने न केवल अभिषेक जैन को निशाना बनाया, बल्कि पूरे समाज में डर का माहौल पैदा कर दिया। नागरिकों का कहना है कि ऐसी खुली धमकियां कानून-व्यवस्था को चुनौती दे रही हैं। यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो गंभीर परिणाम हो सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को भी ऐसी सामग्री की निगरानी बढ़ानी चाहिए।
