हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई। शुरुआती कारोबार में BSE Sensex 1800 अंक टूटकर 72,700 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि Nifty 50 480 अंक गिरकर 22,634 पर आ गया। इसी के साथ भारतीय मुद्रा भी दबाव में रही और रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले पहली बार 93.86 के स्तर के पार पहुंच गया, जो अब तक का सबसे निचला स्तर है।
मिडिल ईस्ट जंग से बढ़ी बाजार में घबराहट
विशेषज्ञों के अनुसार, ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक बाजारों में अस्थिरता बढ़ा दी है।अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा ईरान को दिया गया 48 घंटे का अल्टीमेटम बाजार के लिए बड़ा ट्रिगर बना है। इसमें होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने की चेतावनी दी गई, जो वैश्विक तेल सप्लाई का अहम मार्ग है।
कच्चे तेल में उछाल, भारत पर दबाव
युद्ध की आशंकाओं के बीच ब्रेंट क्रूड 112 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बना हुआ है। तेल सप्लाई प्रभावित होने की आशंका से कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव बना हुआ है.भारत जैसे आयात-निर्भर देश के लिए यह स्थिति महंगाई और चालू खाते के घाटे को बढ़ा सकती है, जिससे बाजार पर दबाव बढ़ता है।
सोने में गिरावट ने चौंकाया
आमतौर पर भू-राजनीतिक संकट के दौरान सोना सुरक्षित निवेश माना जाता है, लेकिन इस बार सोने की कीमतों में करीब 2% की गिरावट देखी गई.विश्लेषकों का कहना है कि निवेशक मार्जिन कॉल को पूरा करने के लिए गोल्ड होल्डिंग बेच रहे हैं, जिससे कीमतों पर दबाव आया है।
एशियाई और अमेरिकी बाजारों में गिरावट
वैश्विक बाजारों में भी कमजोरी का असर साफ दिखा
- Nikkei 225 4% से ज्यादा गिरा
- Hang Seng Index 3% से अधिक टूटा
- KOSPI 6% से ज्यादा लुढ़का
वहीं अमेरिकी बाजारों में भी गिरावट दर्ज की गई:
- Dow Jones Industrial Average
- S&P 500
- Nasdaq Composite
आगे क्या?
Sensex crash todayनए सप्ताह की शुरुआत भारी गिरावट के साथ हुई है.विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक मिडिल ईस्ट में तनाव कम नहीं होता, तब तक बाजार में उतार-चढ़ाव और अनिश्चितता बनी रह सकती है।
