सतुआ बाबा सीएम योगी : प्रयागराज में संगम की धरती पर इन दिनों माघ मेला चल रहा है। माघ मेले में देश के कोने-कोने से साधु संत पहुंचे हैं। माघ मेले में जहां साधु संतों के हाईटेक शिविर चर्चा का सबब बने हुए हैं।
तो वहीं दूसरी ओर माघ मेले में साधु संतों के स्टाइल और उनकी लग्जरी गाड़ियां भी लोगों की बीच सुर्खियां बटोर रही हैं। कौन है सतुआ बाबा.. और 3 करोड़ की गाड़ी किसने दी आईए जानते है

सतुआ बाबा सीएम योगी: साधु संतों के पास मौजूद यह सबसे महंगी कार है
Who is Satua Baba? : हम बात कर रहे हैं माघ मेले में आए सबसे युवा संत सतुआ बाबा की।काशी के पीठाधीश्वर जगतगुरु महामंडलेश्वर संतोष दास उर्फ सतुआ बाबा साधारण वेशभूषा में रहते हैं।

लेकिन वह रे-बैन कंपनी का महंगा चश्मा आंखों पर लगाए रहते हैं। और चलने के लिए लैंड रोवर की डिफेंडर कार उनके पास मौजूद है।जिसकी किमत 3 करोड़ रूपए है. बताया जा रहा है कि माघ मेले में साधु संतों के पास मौजूद यह सबसे महंगी कार है
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सतुआ बाबा सीएम योगी: कौन हैं सतुआ बाबा
जानकारी के मुताबिक सतुआ बाबा का जन्म उत्तर प्रदेश के ललितपुर के मसौरा गांव में हुआ था। माता-पिता ने उन्हें संतोष तिवारी नाम दिया। महज 11 साल की उम्र में घर छोड़कर आध्यात्म की राह पकड़ ली।
जगतगुरु महामंडलेश्वर संतोष दास उर्फ सतुआ बाबा विष्णुस्वामी संप्रदाय की सतुआ बाबा पीठ के प्रमुख हैं। इन्हें पीठाघीश्वर ब्रह्म्लीन यमुनाचार्य महाराज सतुवा बाबा के निधन के बाद सतुआ पीठ का मुखिया बनाया गया।
गोरखपुर में कई बार सतुआ बाबा

संतोष तिवारी उर्फ सतुआ बाबा, सीएम योगी आदित्यनाथ के करीबी बताए जाते हैं। वाराणसी, प्रयागराज और गोरखपुर में कई बार सतुआ बाबा, सीएम योगी के साथ नजर आते रहे हैं।
अक्सर CM के साथ दिखने वाले संत महंगे रे-बैन के सनग्लास पहनते हैं। अमूमन हेलिकॉप्टर और हवाई जहाज के साथ उनकी तस्वीरें सामने आती रहती हैं।
संत योगी आदित्यनाथ के करीबी माने जाते

Who is Satua Baba? : ये साधारण से दिखने वाले संत योगी आदित्यनाथ के करीबी माने जाते हैं। जगतगुरू की पदवी मिलने के दौरान योगी आदित्यनाथ खुद मौजूद रहे थे। योगी जब कुंभ मेले के दौरान संगम स्नान कर रहे थे, उस समय भी सतुआ बाबा उनके साथ मौजूद थे।
यूपी की राजनीति क्यों गरमा गई है?

सतुआ बाबा के नाम पर यूपी की राजनीति क्यों गरमा गई है? इसके जवाब के लिए 12 दिन पहले जाना होगा। जब डिप्टी सीएम केशव मौर्य ने प्रयागराज डीएम की चुटकी ली।कहा- ये जो जाम लग रहा है, इसे देखो।

सतुआ बाबा की रोटी के चक्कर में न पड़ो। यह सुनकर DM मनीष वर्मा और अफसर हंसने लगे।दरअसल, डिप्टी सीएम सोमवार को माघ मेले की तैयारियों का जायजा लेने पहुंचे थे।
6 दिन पहले सतुआ बाबा के आश्रम में चूल्हे पर रोटी सेंकी
संगम नोज पर उन्होंने व्यवस्थाओं की जानकारी DM और मेला अधिकारी से ली.इसी दौरान उन्होंने नसीहत दी- कोई भी साधु-संत जमीन मांगे, तो उसे दिया जाए। अब सवाल उठा कि डिप्टी सीएम ने ये नसीहत दी क्यों? दरअसल, DM ने 6 दिन पहले सतुआ बाबा के आश्रम में चूल्हे पर रोटी सेंकी थी।

जगद्गुरु रामानंदाचार्य के 726वें जन्मोत्सव समारोह में योगी आदित्यनाथ पहुंचे.. योगी ने कहा- सतुआ बाबा ने अद्भुत काम कर दिया। इस वर्ष पौष पूर्णिमा 3 जनवरी को ही पड़ गई। तो स्वाभाविक रूप से हमें इस आयोजन से जुड़ने का अवसर मिल गया।
श्री राम भगवान का जहां पर प्रकटोत्सव हुआ था, वहां पर मंदिर बने, सरकार उसमें सहयोग करेगी.. सतुआ बाबा समाज को जोड़ने का काम कर ही रहे हैं। जो नहीं जुड़ेगा वह अंतिम समय में सतुआ बाबा की शरण में जाएगा ही। वह काशी में मणिकर्णिका घाट पर बैठते हैं।
इस बयान के बाद सीएम और सतुआ बाबा की कई फोटो सामने आई.. जिसमें दोनों साथ पूजन कर रहे है.
