छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार में हाल ही में तीन नए मंत्रियों को शामिल किया गया। इसके बाद साय कैबिनेट में मंत्रियों की संख्या 11 से बढ़कर 14 हो गई है। कांग्रेस ने इस पर आपत्ति जताते हुए हाईकोर्ट में जनहित याचिका (PIL) दाखिल की है।
हाईकोर्ट में सुनवाई
शुक्रवार को हुई सुनवाई में हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता बसदेव चक्रवर्ती से शपथ पत्र मांगा है। कोर्ट ने याचिकाकर्ता से उनका बैकग्राउंड और समाजसेवा से जुड़े कार्यों की जानकारी देने को कहा है। इसके साथ ही राज्य शासन से भी दिशा-निर्देश मांगे गए हैं।
अब इस मामले की अगली सुनवाई मंगलवार, 2 सितंबर को होगी।
छत्तीसगढ़ के मंत्री, विभाग और नाम
मुख्यमंत्री
विश्णु देव साय
सामान्य प्रशासन
खनिज साधन
ऊर्जा
जनसंपर्क
जल संसाधन
विमानन
सुराज अभियान एवं अमृतसर
इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी
जन शिकायत निवारण एवं अन्य विभाग (जो किसी मंत्री को आबंटित न हों)
उप मुख्यमंत्री
अरुण साव – लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, नगरीय प्रशासन एवं विकास, खेल एवं युवा कल्याण
विजय शर्मा – गृह, जेल, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, विज्ञान और प्रौद्योगिकी
मंत्री
रामविचार नेताम – आदिम जाति विकास, कृषि विकास एवं किसान कल्याण, जैव प्रौद्योगिकी, मत्स्य पालन, पशुपालन विकास
दयालदास बघेल – खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण
केदार कश्यप – वन एवं जलवायु परिवर्तन, परिवहन, सहकारिता, संसदीय कार्य
लखनलाल देवांगन – वाणिज्य एवं उद्योग, सार्वजनिक उपक्रम, वाणिज्यिक कर (आबकारी), श्रम
श्याम बिहारी जायसवाल – लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, चिकित्सा शिक्षा, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास, 20 सूत्री कार्यक्रम क्रियान्वयन
ओपी चौधरी – वित्त, वाणिज्यिक कर (आबकारी को छोड़कर), आवास एवं पर्यावरण, योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी
लक्ष्मी राजवाड़े – महिला एवं बाल विकास, समाज कल्याण
टंकाराम वर्मा – राजस्व एवं आपदा प्रबंधन, पुनर्वास, उच्च शिक्षा
गजेन्द्र यादव – स्कूल शिक्षा, ग्रामोद्योग, विधि एवं विधायी कार्य
गुरुचरण साहेब – कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार, अनुसूचित जाति विकास
रोजेश अग्रवाल – पर्यटन, संस्कृति, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व
क्या कहता है नियम?
संविधान के अनुच्छेद 164 (1क) के अनुसार, किसी भी राज्य में मंत्रिमंडल की संख्या विधानसभा की कुल सीटों के 15% से अधिक नहीं हो सकती।
छत्तीसगढ़ विधानसभा में कुल 90 सीटें हैं।
इस आधार पर मंत्रिमंडल की अधिकतम संख्या 13.5 (यानी 13) हो सकती है।
वर्तमान में साय कैबिनेट में 14 मंत्री हैं, जो तय सीमा से अधिक है।
कांग्रेस बनाम भाजपा
कांग्रेस का कहना है कि 14 मंत्री बनाना संवैधानिक प्रावधान का उल्लंघन है। वहीं भाजपा इसका बचाव करते हुए हरियाणा के फॉर्मूले का हवाला दे रही है। इसी विवाद को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ता बसदेव चक्रवर्ती ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की है।
Read More :- इंडिगो को बड़ी राहत: टर्किश बोइंग 777 की लीज अब फरवरी 2026 तक बढ़ी
Watch Now :- भोपाल में 92 करोड़ का ड्रग्स जब्त – क्या जिम्मेदार वही !
