सुप्रीम कोर्ट ने जताई चिंता, जासूसी की आशंका, केंद्र को सख्त आदेश
भारत में एक रूसी महिला और उसका बच्चा लापता है, जिससे जुड़ा मामला अब सुप्रीम कोर्ट की दहलीज तक पहुंच गया है। कोर्ट ने केंद्र सरकार को आदेश दिया है कि वह तुरंत महिला और बच्चे की तलाश करे और उनका लुकआउट नोटिस जारी करे।

मामले की गंभीरता तब बढ़ गई जब महिला के रूसी खुफिया कनेक्शन और एक भारतीय नौसेना अधिकारी के बेटे से शादी की जानकारी सामने आई।
क्या है पूरा मामला?
सुप्रीम कोर्ट में पेश इस केस के मुताबिक, रूसी नागरिक विक्टोरिया और भारतीय इंजीनियर सैकत बसु की मुलाकात चीन में हुई थी। 2017 में दोनों ने भारत आकर शादी की और 2020 में उनके बेटे का जन्म हुआ।
हालांकि, बाद में दोनों के बीच विवाद बढ़ा और तलाक की प्रक्रिया शुरू हो गई। बेटे की संयुक्त कस्टडी को लेकर दिल्ली फैमिली कोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट में मामला चल रहा था।
7 जुलाई से लापता हैं महिला और बच्चा
22 मई को कोर्ट के आदेश पर तीन दिनों के लिए बच्चे की कस्टडी मां विक्टोरिया को दी गई थी। लेकिन इसके बाद वह बच्चे को लेकर गायब हो गई। 7 जुलाई से महिला और बच्चे का कोई पता नहीं है।
पति सैकत बसु का कहना है कि उसने अंतिम बार अपने बेटे को 22 मई को देखा था। महिला का फोन बंद है और वह अपने दिल्ली स्थित घर से भी लापता है।
जासूसी का शक क्यों?
सैकत बसु के पिता इंडियन नेवी में अधिकारी रह चुके हैं, जबकि विक्टोरिया के पिता रूस की खुफिया एजेंसी से जुड़े रहे हैं।
सैकत का आरोप है कि विक्टोरिया अक्सर उसे कोलकाता के फोर्ट विलियम, जो भारतीय सेना का पूर्वी मुख्यालय है, वहां घूमने ले चलने का दबाव बनाती थी।
इसके अलावा, 4 जुलाई को विक्टोरिया को एक रूसी राजनयिक के साथ दूतावास के पिछले दरवाजे से प्रवेश करते हुए देखा गया था। पति का दावा है कि महिला का उस राजनयिक से संबंध भी है।

सुप्रीम कोर्ट सख्त, कहा- मज़ाक मत बनाइए
जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने सुनवाई के दौरान महिला के वकीलों से उसकी लोकेशन पूछी, लेकिन वकीलों ने कहा कि उन्हें जानकारी नहीं है। इस पर कोर्ट ने तीखी टिप्पणी की:
“आप लोग सब कुछ जानते हैं। आपको लगता है कि आप हमारे साथ खेल सकते हैं?”
कोर्ट ने चेतावनी दी कि यदि रूसी दूतावास के अधिकारी महिला को भगाने या छिपाने में शामिल पाए गए, तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई होगी।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश क्या हैं?
- केंद्र सरकार को रूसी महिला विक्टोरिया और बच्चे का पता लगाने का आदेश
- महिला का पासपोर्ट जब्त करने का निर्देश
- लुकआउट नोटिस जारी करने को कहा गया
- रूसी राजनयिक के घर की तलाशी लेने के आदेश
- बच्चे को पिता सैकत बसु को सौंपने के लिए निर्देश
कूटनीतिक दबाव या मानवाधिकार का उल्लंघन?
यह मामला एक तरफ जहां अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और खुफिया गतिविधियों की आशंका से जुड़ता है, वहीं दूसरी ओर एक मां और बच्चे के अधिकारों का भी सवाल खड़ा करता है। क्या विक्टोरिया सच में जासूस है? या फिर यह एक घरेलू विवाद को अंतरराष्ट्रीय रंग देने की कोशिश है? इस सवाल का जवाब अभी जांच और कोर्ट की सुनवाई के बाद ही सामने आएगा।
