निरंतर गिर रहा रूपया
भारतीय रूपया मे निरंतर गिरावट देखी जा रही और डॉलर के मुक़ाबले रूपया 85.65 के रिकॉर्ड निचले स्तरों पर आ
गया है और अमेरिकी डॉलर की मजबूत माँग के कारण रुपये मे यह रिकॉर्ड गिरावट देखने को मिल रही है l एक्सपर्टस
के अनुसार रुपये मे गिरावट की मुख्य कारण फ्यूचर कॉन्ट्रैक्टस की एक्सपायरी और व्यापार घाटे मे बढ़ोतरी की
वजह भी रुपये मे गिरावट का कारण रहे हैं l
नवंबर मे व्यापार घाटे के बाद से ही डॉलर के मुक़ाबले रुपये मे गिरावट देखने को मिल रही है और भारत का व्यापार
घाटा नवंबर 2024 मे 37.8 अरब डॉलर पहुँच चुका है l वैश्विक माँग मे कमी और इम्पोर्ट बढ़ने की वजह से भी
भारतीय रुपये मे कमजोरी दिख रही है l हालाँकि जानकारों का मानना है कि यदि सरकार या रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया
इसमें दखल दे तो इस गिरावट की रफ़्तार पर कुछ हद तक लगाम लगाई जा सकती है l भारतीय रुपये के गिरावट के बावजूद भी बाकी देशों की करेंसी के मुक़ाबले रुपये मे गिरावट कम देखी गई है जैसे की G20 देशों की करेंसी के मुक़ाबले रूपया 1.2 प्रतिशत ही गिरा है जबकि जापानी येन, दक्षिण कोरिया का वॉन, फिलिपिंन्स का पेसो आदि मे ज़्यादा गिरावट देखने को मिली है l
