RJD expels 27 leaders: बिहार विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक घटनाक्रम तेजी पकड़ चुका है। जहां एक ओर राजनीतिक दल चुनावी रणनीति में जुटे हैं, वहीं दूसरी ओर दल–बदल और बगावत का दौर भी जारी है। इसी कड़ी में बिहार की प्रमुख विपक्षी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने बड़ा एक्शन लेते हुए अपने 27 नेताओं को पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया है।

बागियों पर गिरी गाज
राष्ट्रीय जनता दल ने देर शाम एक आधिकारिक लेटर जारी कर इस कार्रवाई की पुष्टि की। पार्टी ने साफ तौर पर कहा कि जिन नेताओं को निष्कासित किया गया है, वे या तो पार्टी के अधिकृत उम्मीदवारों के खिलाफ चुनाव मैदान में उतर गए हैं या फिर अन्य दलों के प्रत्याशियों का समर्थन कर रहे हैं। कुछ नेता तो निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में भी चुनाव लड़ रहे थे।
RJD ने कहा कि यह कदम पार्टी अनुशासन बनाए रखने और संगठन की मजबूती के लिए उठाया गया है।


तेजप्रताप यादव की पार्टी का थामा दामन
निष्कासित नेताओं में कई ऐसे नाम भी शामिल हैं जिन्होंने हाल ही में पार्टी छोड़कर तेजप्रताप यादव की नई पार्टी जनशक्ति जनता दल का दामन थाम लिया है। बताया जा रहा है कि इनमें कुछ नेता जनशक्ति जनता दल के टिकट पर चुनावी मैदान में उतर चुके हैं, जिससे RJD नेतृत्व नाराज था।
सूत्रों के मुताबिक, RJD पहले ही इन नेताओं को चेतावनी दे चुका था, लेकिन पार्टी की अनुशासन समिति ने उनके खिलाफ कार्रवाई को मंजूरी दे दी।
RJD expels 27 leaders: किन नेताओं पर गिरी गाज?
निष्कासित नेताओं की सूची में कई बड़े नाम शामिल हैं। खासतौर पर दो मौजूदा विधायक और कई पूर्व विधायकों को बाहर का रास्ता दिखाया गया है। जिनमें से परसा विधायक छोटे लाल राय, गोविंदपुर विधायक मोहम्मद कामरान, 4 पूर्व विधायक और 1 पूर्व MLC शामिल है।
इन नेताओं को तत्काल प्रभाव से 6 साल के लिए पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है।
जेडीयू ने भी की थी कार्रवाई
इससे पहले सत्ताधारी जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने भी अपने 16 नेताओं को निष्कासित किया था। JDU ने भी यही आरोप लगाया था कि उसके कुछ नेता पार्टी उम्मीदवारों के खिलाफ काम कर रहे थे।
स्पष्ट है कि बिहार चुनाव में बागी नेता दोनों ही बड़े दलों के लिए सिरदर्द बने हुए हैं। चुनावी माहौल में इस तरह की कार्रवाई से राजनीतिक सरगर्मी और बढ़ गई है।

लालू-राबड़ी ने कोर्ट में उठाई आपत्ति
इसी बीच RJD सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी एक बार फिर चर्चा में आ गए हैं। दोनों ने दिल्ली के राऊज एवेन्यू कोर्ट में IRCTC घोटाला मामले को लेकर एक नई अर्जी दाखिल की है। इस अर्जी में रोजाना सुनवाई के आदेश पर आपत्ति जताई गई है।
RJD expels 27 leaders: वकील ने कहा समय चाहिए
‘बार एंड बेंच’ की रिपोर्ट के अनुसार, वरिष्ठ अधिवक्ता मनिंदर सिंह ने कोर्ट में दलील देते हुए कहा कि:
- यह मामला 18,000 पन्नों की चार्जशीट से जुड़ा है।
- इसके अलावा 250 पन्नों का कोर्ट आदेश भी मौजूद है।
- इतने बड़े दस्तावेजों को समझने के लिए पर्याप्त समय दिया जाना चाहिए।
13 अक्टूबर को राऊज एवेन्यू कोर्ट ने लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, मीसा भारती और अन्य अभियुक्तों पर आरोप तय किए थे। इसके बाद कोर्ट ने 27 अक्टूबर से रोजाना सुनवाई का आदेश दिया था। इसी आदेश को चुनौती देते हुए लालू पक्ष ने अर्जी डाली है।
क्या है IRCTC घोटाला मामला?
RJD expels 27 leaders: IRCTC घोटाले का मामला उस समय का है जब लालू यादव रेल मंत्री थे। आरोप है कि रांची और पुरी के IRCTC होटल टेंडर अवैध तरीके से जारी किए गए और घूस के रूप में जमीन दी गई।
कोर्ट ने कहा है कि:
“लालू प्रसाद यादव की जानकारी में टेंडर घोटाले की साज़िश रची गई थी और इस घोटाले से उनके परिवार को फायदा हुआ।”
लालू यादव ने अदालत में इन आरोपों को निराधार बताया है।
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