Ramnath Kovind Visits Kaichi Dham Nainital: उत्तराखंड की शांत पहाड़ियों में सोमवार शाम एक विशेष दृश्य देखने को मिला। देश के पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद विश्व प्रसिद्ध कैंची धाम पहुंचे, जहाँ उन्होंने बाबा नीब करौरी महाराज के दर्शन किए और लगभग 45 मिनट तक ध्यान लगाया। पूरे नैनीताल ज़िले में उनके आगमन को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए थे।
आध्यात्मिक यात्रा का पल 45 मिनट ध्यान में रहे पूर्व राष्ट्रपति
शाम करीब 4:30 बजे कोविंद कैंची धाम पहुँचे। सफेद कुर्ता-पायजामा पहने, बेहद सादगी से वे मंदिर परिसर में दाखिल हुए। उन्होंने बाबा नीब करौरी महाराज के सिंहासन पर पुष्प अर्पित किए, मंत्रोच्चारण के बीच पूजा संपन्न की और कुछ देर मौन ध्यान में बैठे रहे। मंदिर प्रबंधन समिति के अनुसार,
“पूर्व राष्ट्रपति ने कोई औपचारिक भाषण नहीं दिया, बस शांत मन से दर्शन किए और मंदिर के वातावरण में कुछ समय ध्यान लगाया।”
स्थानीय श्रद्धालुओं के लिए यह एक भावुक पल था — कई लोगों ने कहा कि “देश के पूर्व राष्ट्रपति को इतनी सरलता से मंदिर में बैठा देखना खुद में प्रेरणादायक अनुभव था।”
सुरक्षा व्यवस्था रही अभूतपूर्व
कोविंद के आगमन से पहले ही नैनीताल प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा घेरा कस दिया था। कैंची धाम की ओर जाने वाले मुख्य मार्गों पर भारी वाहनों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया। जिले के पुलिस अधीक्षक ने बताया कि ट्रैफिक डायवर्जन पहले से लागू कर दिया गया था, ताकि श्रद्धालुओं और पर्यटकों को असुविधा न हो।
करीब 200 से अधिक पुलिसकर्मी और पीएसी जवान तैनात रहे। धाम के आसपास के 5 किलोमीटर क्षेत्र में ड्रोन से निगरानी की गई और मंदिर परिसर में किसी भी प्रकार की वीडियो रिकॉर्डिंग पर रोक थी।
कुमाऊं दौरे का हिस्सा है यह यात्रा
पूर्व राष्ट्रपति इन दिनों उत्तराखंड के कुमाऊं क्षेत्र के दौरे पर हैं। बताया जा रहा है कि वे नैनीताल, अल्मोड़ा और बागेश्वर के कुछ धार्मिक स्थलों का भ्रमण कर रहे हैं। कैंची धाम में दर्शन के बाद उन्होंने कुछ समय स्थानीय संतों और ट्रस्ट के सदस्यों के साथ भी बिताया। धाम के एक पुजारी ने बताया,
“कोविंद जी ने कहा कि बाबा नीब करौरी महाराज की ऊर्जा और शांति आज भी यहाँ महसूस होती है। उन्होंने देश के सुख-शांति और एकता के लिए प्रार्थना की।”
कैंची धाम क्यों खास है
कैंची धाम सिर्फ उत्तराखंड का नहीं, बल्कि दुनिया भर के भक्तों के लिए श्रद्धा का केंद्र है। बाबा नीब करौरी महाराज के भक्तों में एप्पल के संस्थापक स्टीव जॉब्स और फेसबुक की मार्क जुकरबर्ग जैसे नाम भी शामिल हैं। हर साल लाखों श्रद्धालु यहाँ आते हैं, खासकर जून में आयोजित होने वाले स्थापना दिवस समारोह के दौरान।
ट्रैफिक और सुरक्षा अपडेट
कैंची धाम और आसपास के क्षेत्रों में ट्रैफिक डायवर्जन मंगलवार सुबह तक जारी रहेगा। भारी वाहनों को भवाली और गरमपानी मार्ग से मोड़ दिया गया है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे मंदिर की ओर जाने से पहले मार्ग की स्थिति चेक कर लें।
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