Rajasthan RAS officer transfer: राजस्थान में प्रशासनिक व्यवस्था में एक बार फिर बड़ा फेरबदल किया गया है। भजनलाल सरकार ने 222 RAS अफसरों के तबादले किए हैं। इसके अलावा 11 आरएएस अफसरों को अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। इस आदेश को राजस्थान के कार्मिक विभाग ने सोमवार को जारी किया।

यह प्रशासनिक बदलाव काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इससे पहले 19 जुलाई को आरएएस और आईपीएस अफसरों के तबादले हुए थे। वर्तमान फेरबदल से राज्य के कई विभागों और जिलों में नई दिशा और ताजगी आएगी।
प्रमुख अफसरों के ट्रांसफर
1. दिनेश कुमार जांगिड़
- नया पद: संयुक्त शासन सचिव, पशुपालन विभाग, जयपुर
2. असलम शेर खान
- नया पद: संयुक्त सचिव, अल्पसंख्यक मामलात, जयपुर
3. नरेंद्र कुमार बंसल
- नया पद: अतिरिक्त आयुक्त, नगर निगम जयपुर ग्रेटर
4. आनन्दी लाल वैष्णव
- नया पद: संयुक्त शासन सचिव, गृह (पुलिस) विभाग, जयपुर
5. अशोक कुमार
- नया पद: रजिस्ट्रार, महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रोद्योगिकी विश्वविद्यालय, उदयपुर

अन्य अफसरों को मिला अतिरिक्त प्रभार
कार्मिक विभाग ने 11 अफसरों को अतिरिक्त प्रभार सौंपा है। यह प्रभार उन विभागों में जिम्मेदारी और कामकाज के समन्वय के लिए दिया गया है, जहां फिलहाल स्थायी नियुक्ति नहीं हो पाई है।

Rajasthan RAS officer transfer: प्रशासनिक बदलाव का महत्व
इस बड़े फेरबदल का उद्देश्य राज्य में सरकारी कामकाज को सुचारू रूप से चलाना और प्रशासनिक दक्षता बढ़ाना है। विभिन्न विभागों में अनुभवी अफसरों की नियुक्ति और कुछ अफसरों को अतिरिक्त प्रभार देने से कार्यों की निगरानी और तेजी सुनिश्चित होगी।
विशेषकर जयपुर, उदयपुर और अन्य बड़े जिलों में ऐसे बदलाव से नीतियों और योजनाओं की प्रभावी कार्यान्वयन में मदद मिलेगी।
पिछला प्रशासनिक बदलाव
पिछले 19 जुलाई को भी आरएएस और आईपीएस अफसरों के तबादले किए गए थे। वर्तमान फेरबदल में तबादले की संख्या काफी ज्यादा है और इसे प्रशासनिक सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
कार्मिक विभाग ने सभी अफसरों के नए पद और जिम्मेदारियों का विवरण सार्वजनिक किया है ताकि जनता और संबंधित विभाग इसे जान सकें।
आदेश जारी करने वाला विभाग
Rajasthan RAS officer transfer: राजस्थान सरकार के कार्मिक विभाग ने इस बार के फेरबदल का आदेश जारी किया। विभाग ने यह सुनिश्चित किया कि सभी अफसर अपने नए पदों और जिम्मेदारियों को जल्द से जल्द संभालें और सरकारी कामकाज में व्यवधान न आए।

